निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्र एहतियाती टीका लगाने के लिए सेवा शुल्क के रूप में अधिकतम 150 रुपये तय

निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर 18-59 वर्ष के लोगों को कोविड टीके की एहतियाती डोज लगाने के संबंध में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी स्वास्थ्य सचिवों की एक नीति निर्धारक बैठक 9 अप्रैल 2022 को सुबह 10:30 बजे सचिव (स्वास्थ्य मंत्रालय) की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

सचिव (स्वास्थ्य मंत्रालय) ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एहतियाती डोज उसी टीके की दी जाएगी जिसका उपयोग पहली और दूसरी खुराक लगाने के लिए किया गया है। यह भी बताया गया कि कोविड टीके की एहतियाती डोज के लिए किसी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सभी लाभार्थी पहले से ही कोविन पोर्टल पर पंजीकृत हैं।

इस बात पर जोर दिया गया कि सभी टीकाकरणों को अनिवार्य रूप से कोविन प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाना चाहिए और निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर ‘ऑनलाइन अपॉइंटमेंट’ तथा ‘वॉक-इन’ पंजीकरण व टीकाकरण के दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे।

निजी कोविड टीकाकरण केंद्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण स्थलों का रखरखाव करेंगे। वे टीकाकरण के लिए सेवा शुल्क के रूप में अधिकतम 150 रुपये तक ही ले सकते हैं, जो टीके की लागत से अधिक है। स्‍वास्‍थ्‍य सेवा कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के नागरिकों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर नि:शुल्क टीकाकरण सहित किसी भी निजी कोविड टीकाकरण केंद्र पर एहतियाती कोविड टीकाकरण करना जारी रहेगा।

एहतियाती डोज के लिए पात्र आबादी के विस्तार और नागरिकों द्वारा टीकाकरण प्रमाण पत्र में सुधार के लिए कोविन प्लेटफॉर्म पर किए गए विभिन्न नए प्रावधानों पर राज्य के अधिकारियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी सलाह दी गई कि वे 12+ वर्ष की आबादी के लिए पहला टीका और दूसरी खुराक के साथ ही चल रहे मुफ्त कोविड -19 टीकाकरण के कार्य में तेजी लाएं और सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर स्‍वास्‍थ्‍य सेवा कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं तथा 60 वर्ष से अधिक की आबादी के लिए एहतियाती कोविड टीके की डोज की उपयुक्त व्यवस्था करें।

अपर सचिव (स्वास्थ्य) डॉ मनोहर अगनानी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्वास्थ्य सचिव तथा एनएचएम मिशन निदेशकों और राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के अन्य अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में उपस्थित थे।

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