द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी। राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी ने कल शाम मतगणना पूरी होने के बाद द्रौपदी मुर्मू के नाम की घोषणा की। राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को 64 प्रतिशत और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 36 प्रतिशत वोट मिले।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. वी. रमना सोमवार को संसद के केन्द्रीय कक्ष में द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगे।
64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति होंगी। वह भारत की पहली राष्ट्रपति होंगी जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद हुआ है। 1997 में द्रौपदी मूर्मु पहली बार राजनीति में शामिल हुईं और ओडिशा के मयुरभंज जिले के रायरंगपुर अधिसूचित क्षेत्र परिषद में पार्षद चुनी गईं। उन्होंने 2002 से 2009 तक रायरंगपुर विधासभा क्षेत्र से दो बार विधायक और एक बार ओडिशा सरकार में वाणिज्य, परिवहन, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। 18 मई, 2015 को द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली और पिछले साल 12 जुलाई तक इस पद पर रहीं। वह राज्य की पहली महिला राज्यपाल थीं और किसी भी भारतीय राज्य में राज्यपाल के रूप में सेवा करने वाली पहली महिला आदिवासी नेता थीं।
द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति पद पर आसीन होने वाली पहली जनजातीय महिला हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और कई केंद्रीय मंत्रियों तथा सांसदों ने द्रौपदी मुर्मू के आवास पर जाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि द्रौपदी मुर्मू का जीवन, उनका संघर्ष और उनकी सफलता प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वो हमारे नागरिकों विशेषकर गरीबों और दलितों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चन्द्र पाण्डे ने द्रौपदी मुर्मू के देश का अगला राष्ट्रपति निर्वाचित होने के प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न हो गई।
