दिल्ली सरकार ने दिल्ली मोटर व्हीकल लाइसेंसिंग ऑफ एग्रीगेटर (प्रीमियम बस) योजना, 2023 को अधिसूचित कर दिया है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि यह राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली और दिल्ली से बाहर की यात्राओं के लिए प्रीमियम बस शुरू करने का प्रावधान है। इसके तहत “प्रीमियम बसें” वैसी लक्जरी सार्वजनिक बस होगी जिसमें कम से कम 09 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और बसें पूरी तरह से वातानुकूलित होगी। साथ ही इन बसों में वाईफाई, जीपीएस और सीसीटीवी के साथ पूर्व आरक्षित रिक्लाइनिंग सीटें होंगी।
इस योजना के तहत लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों के पास सार्वजनिक या साझा परिवहन में वाहनों के संचालन और प्रबंधन का न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा उन्हें सालाना न्यूनतम 100 यात्री बसों या सालाना 1000 यात्री कारों का बेड़ा बनाए रखना होगा । यदि बसों और कारों के मिश्रित बेड़े की बात करें तो उन्हें मिश्रित बेड़े में न्यूनतम 100 बसें रखनी होंगी और मिश्रित बेड़े के लिए 1 बस के बराबर 10 कारों की गणना की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंस आवेदकों को कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों के समान ही यात्री वाहनों के उपयोग से संबंधित सभी लागू शर्तों का पालन करना होगा। सीएनजी बसों के मामले में योजना में यह प्रावधान है कि बस 3 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। 1 जनवरी, 2025 के बाद सेवा में शामिल होने वाली सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
