दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे हवाई अड्डों ने लेवल 4+ और उच्चतर हवाई अड्डा अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ACI) मान्यता हासिल कर ली है और कार्बन तटस्थ बन गए हैं

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने भारतीय हवाई अड्डों के कार्बन लेखांकन और रिपोर्टिंग ढांचे के मानकीकरण के जरिए देश में हवाई अड्डों पर कार्बन तटस्थता और नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की दिशा में काम करने के लिए कदम उठाए हैं। इस उद्देश्य के लिए, निर्धारित परिचालन वाले हवाई अड्डा संचालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित हवाई अड्डों पर कार्बन उत्सर्जन का मानचित्रण करें और कार्बन तटस्थता और नेट जीरो उत्सर्जन की दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम करें। एमओसीए ने भावी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों और संबंधित राज्य सरकारों के डेवलपर्स को कार्बन तटस्थता और नेट ज़ीरो प्राप्त करने की दिशा में काम करने की सलाह दी है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ हरित ऊर्जा का उपयोग भी शामिल है।

भारत सरकार के उपरोक्त प्रयासों से, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे हवाई अड्डों ने लेवल 4+ और उच्चतर हवाई अड्डा अंतर्राष्ट्रीय परिषद (एसीआई) मान्यता हासिल कर ली है और कार्बन तटस्थ बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, 66 भारतीय हवाई अड्डे शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा पर काम कर रहे हैं।

यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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