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झारखंड और बिहार में माओवादियों के गढ़ में सुरक्षा बलों के स्थायी शिविर स्थापित किए गए

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल- सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा कि झारखंड में तीन दशक तक माओवादियों का गढ़ रहा बूढ़ा पहाड़ अब पूरी तरह से सुरक्षा बलों के नियंत्रण में आ चुका है। कुलदीप सिंह ने कल नई दिल्‍ली में पत्रकारों को वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा बलों की सफल कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में अब सुरक्षा बलों के स्‍थायी शिविर बना दिए गये हैं। महानिदेशक ने कहा कि इस वर्ष अप्रैल के बाद बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में ऑपरेशन ऑक्‍टोपस, ऑपरेशन डबल बुल और ऑपरेशन थंडरस्‍टोर्म नाम के तीन अभियान चलाए गये। उन्होंने बताया कि देश भर में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ जारी लड़ाई में सुरक्षा बलों ने निर्णायक जीत हासिल की है। माओवादियों का बिहार के दुर्गम इलाकों-चक्रबंद और भीमाबंद से सफलतापूर्वक सफाया कर दिया गया है और सुरक्षाबलों के स्थायी शिविर बना दिए गए हैं। ये सभी इलाके माओवादियों के गढ़ थे और इन इलाकों से सुरक्षाबलों को बड़ी मात्रा में हथियार, बारूद, विदेशी हथगोले, एयरो बम और विस्फोटक पदार्थ मिले हैं। कुलदीप सिंह ने कहा कि बिहार और झारखंड में ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां सुरक्षाबल पहुंच न सकें। उन्होंने कहा कि बिहार को अब नक्सल मुक्त कहा जा सकता है।

अप्रैल 2022 के बाद से हमलोगों ने झारखंड में बहुत सारे ऐसे अभियान चलाए, जिस अभियानों के तहत नक्‍सलवाद की कमर वहां से टूटी और उसके फलस्‍वरूप हम लोग बूढ़ा पहाड़ पर पूरा कब्‍जा कर पाए। बूढ़ा पहाड़ पर पहला कदम हम लोगों ने इस महीने की पांच तारीख को रखा। लेकिन अब परसो वहां पर हेलीकॉप्‍टर भी उतारकर फोर्सेस को वहां पहुंचाया गया है बड़ी मात्रा में पूरी तरह से बूढ़ा पहाड़ को साफ कर लिया गया है और जितने भी फोर्सेस वहां पहुंची है उनका परमानेंट कैम्‍प स्‍टेबलिस कर दिया गया है। केन्‍द्रीय गृहमंत्री के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान से हिंसा की घटनाओं और उसके भौगोलिक प्रसार दोनों में लगातार गिरावट आई है।

कुलदीप सिंह ने कहा कि वाम उग्रवाद की घटनाओं में 77 प्रतिशत की भारी कमी आई है। 2009 में सबसे अधिक दो हजार दो सौ 58 माओवादी हिंसा हुई थी जो कि घटकर 2021 में 509 हो गई। उन्होंने कहा कि माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में भी कमी आई है। 2010 तक 96 जिले माओवाद से प्रभावित थे, लेकिन उसके बाद 2022 तक माओवाद का असर केवल 39 जिलों तक ही सीमित रह गया है।

सीआरपीएफ बिहार, छत्‍तीसगढ़, झारखंड और मध्‍य प्रदेश सहित देश के विभिन्‍न राज्‍यों में कई अभियान चला रही है। वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ विभिन्‍न अभियानों से अनेक माओवादी पकड़े गए और बड़ी संख्‍या में समर्पण किया।

गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्‍य सुरक्षा बलों को इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। एक ट्वीट में गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को देश में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ जारी निर्णायक युद्ध में अभूतपूर्व सफलता मिली है। अमित शाह ने कहा कि सरकार, वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद को कतई बर्दाश्‍त न करने की नीति जारी रखेगी तथा इस लड़ाई को और तेज किया जाएगा।

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