गुजरात हाई कोर्ट ने केन्द्रीय सूचना आयोग के 2016 के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें गुजरात विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्नातकोत्तर डिग्री का विवरण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिए जाने का निर्देश दिया गया था। न्यायालय ने सूचना के अधिकार अधिनियम का मजाक बनाने के लिए केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव, विश्वविद्यालय द्वारा दायर मामले की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी देना जनहित का मामला नहीं है। न्यायालय ने कहा कि डिग्री जैसे राष्ट्रीय दस्तावेज सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को जुर्माने की राशि न्यायालय के निर्देश के अनुसार चार सप्ताह के भीतर गुजरात राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के पास जमा करवानी है।
Related posts
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की...
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर...
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली: केंद्र...