चावल, गेहूं और आटे की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बाजार हस्तक्षेप करने की भारत सरकार की पहल के एक हिस्से के रूप में, गेहूं और चावल दोनों की साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजित की जाती है। वर्ष 2023-24 की 19वीं ई-नीलामी 01.11.2023 को आयोजित की गई थी।
खुले बाजार में गेहूं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए, गेहूं की साप्ताहिक पेशकश की मात्रा को बढाकर 3 लाख मीट्रिक तक अधिकतम किया गया ताकि बोलीदाता ओएमएसएस (डी) के तहत खरीददारी कर सके। यह मात्रा 01.11.2023 से बढ़ाकर 200 मीट्रिक टन की गई है।
इसके परिणामस्वरूप, दिनांक 01.11.2023 की ई-नीलामी में 2389 बोलीदाताओं को 2.87 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचा गया है।
एफएक्यू गेहूं के लिए भारित औसत विक्रय मूल्य 2291.15 रुपये प्रति क्विंटल था जबकि आरक्षित मूल्य 2150 रुपए प्रति क्विंटल था। पूरे भारत में यूआरएस गेहूं का भारित औसत बिक्री मूल्य 2311.62 रुपये प्रति क्विंटल था जबकि इसका आरक्षित मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल था।
इसके अलावा, कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए, भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि ओएमएसएस (डी) के तहत गेहूं की बिक्री 31.03.2024 तक जारी रहेगी और 101.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं को 31.03.2024 तक बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।
व्यापारियों को ओएमएसएस (डी) के तहत गेहूं बिक्री के दायरे से बाहर रखा गया है और स्टॉक की जमाखोरी से बचने के लिए 31.10.2023 तक देश भर में 1721 औचक जांच की गई है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है,… Read More
एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का… Read More
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं… Read More
पर्यावरण स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कांकरिया कोचिंग डिपो एक वॉटर… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment