जम्मू, 2 नवंबर, 2023 – भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के सचिव संजीव चोपड़ा ने जम्मू और कश्मीर में आयोजित एक जागरूकता अभियान कार्यशाला के दौरान लाभार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) पहल के लिए जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
इस जागरूकता अभियान कार्यशाला का आयोजन 2 नवंबर, 2023 को जम्मू के रेल हेड परिसर स्थित उद्योग भवन में किया गया। इसका उद्देश्य ओएनओआरसी के लाभों के बारे में लाभार्थियों को जागरूक करना था। यह एक बदलाव लाने वाली योजना है, जिसे पूरे देश में राशन प्राप्त करने के संबंध में लाभार्थियों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है। इस कार्यशाला में जुबैर अहमद (सचिव, एफसीएस (सीए, जम्मू और कश्मीर) विभाग), रमेश कुमार (मंडल आयुक्त, जम्मू और कश्मीर), अब्दुल रशीद वार (श्रम आयुक्त, जम्मू और कश्मीर) और रिफत कोहली (निदेशक, एफसीएस व सीए विभाग, जम्मू) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यशाला में लगभग 120 लाभार्थियों और एफपीएस डीलरों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण डीएफपीडी के आधिकारिक यूट्यूब पेज पर किया गया।
डीएफपीडी सचिव ने अपने संबोधन में ओएनओआरसी के प्रमुख सिद्धांत को रेखांकित किया और इसके आदर्श वाक्य- “आप जहां, आपका राशन वहां” पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह पहल लाभार्थियों को देश में कहीं भी अपनी पसंद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने अधिकार के राशन को प्राप्त करने की अनुमति देती है।
इसके अलावा उन्होंने ओएनओआरसी कार्यक्रम की उल्लेखनीय सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इसके तहत पूरे देश में हर महीने 2.5 करोड़ से अधिक लेन-देन दर्ज किए गए हैं। ओएनओआरसी को लागू किए जाने के बाद अकेले जम्मू और कश्मीर में अब तक 18 लाख लेन-देन दर्ज किए गए, जो इस पहल की ठोस शुरुआत को रेखांकित करता है।
सचिव ने अपने संबोधन में एफपीएस डीलरों की इस चिंता को दूर करने की कोशिश की कि दूसरे क्षेत्रों के लाभार्थियों को राशन देने के कारण उन्हें इसकी कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि एफपीएस डीलर अपने इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) उपकरणों का उपयोग करके आसानी से राशन के अतिरिक्त कोटे का अनुरोध कर सकते हैं। इससे लाभार्थियों को राशन की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सचिव ने इन प्रयासों के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और चावल फोर्टिफिकेशन पहल सहित विभाग की अन्य महत्वपूर्ण पहलों व योजनाओं को रेखांकित किया। इन पहलों का सामूहिक लक्ष्य पूरे देश के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की खाद्य और पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि राज्य सरकारें अब मॉडल एफपीएस बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) निधि से धनराशि का उपयोग कर सकती हैं। ये मॉडल दुकानें दक्षता और आधुनिकीकरण के उदाहरण के रूप में काम करेंगी, जो क्षेत्र के अन्य एफपीएस के लिए एक मानक स्थापित करेंगी। इसके अलावा इस कार्यक्रम के समापन पर डीएफपीडी के सचिव संजीव चोपड़ा ने प्रतिभागी लाभार्थियों को फोर्टिफाइड चावल के थैले प्रदान किए।
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