खेल मंत्रालय के अधीन खेल विभाग के राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इस समझौते के तहत कोल इंडिया लिमिटेड एनएसडीएफ को 75 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करेगा। यह धनराशि कंपनी के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के हिस्से के रूप में दी जा रही है। युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री निसिथ प्रमाणिक और खेल विभाग के सचिव रवि मित्तल भी इस मौके पर उपस्थित थे।
अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने कहा कि हाल के ओलंपिक और पैरालंपिक में हमारे खिलाड़ियों के अभूतपूर्व प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में कोल इंडिया द्वारा एनएसडीएफ में बहुमूल्य योगदान उचित समय पर आया है। उन्होंने पैरालंपिक में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए और टोक्यो पैरालंपिक खेलों में 19 पदक जीतने पर भारतीय एथलीटों को बधाई दी। कोल इंडिया की पहल की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि कोयले के खनन से अर्जित धन का एक हिस्सा हमारे खिलाड़ियों को ‘हीरे’ के रूप में तराशने के काम आएगा, जिससे उन्हें पोडियम पर खड़े होने की सफलता मिलेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस कोष का उपयोग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के क्रम में सामान्य और विशिष्ट खेलों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। इस कोष का उपयोग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और विकास के लिए भी विवेकपूर्ण तरीके से किया जाता है। पिछले कई वर्षों में, विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों ने एनएसडीएफ में उदारतापूर्वक योगदान दिया है। अनुराग ठाकुर ने कहा, “एसएआई और एलएनआईपीई के तहत खेल अकादमियों को एथलीटों के लिए अधिक होस्टलों की आवश्यकता थी। खेल एथलीटों के तीन छात्रावासों के निर्माण के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के 75 करोड़ रुपये के योगदान से प्रशिक्षण में आसानी होगी और सुविधाओं में वृद्धि होगी।”
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि बैंगलोर व भोपाल की साई अकादमियों और एलएनआईपीई ग्वालियर में तीन होस्टलों के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से खेल विभाग/एनएसडीएफ तथा कोल इंडिया लिमिटेड के बीच संबंध मजबूत होंगे। मंत्री ने प्रस्ताव दिया कि भारतीय खेल प्राधिकरण और कोल इंडिया लिमिटेड को देश में खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से एक खेल अकादमी की स्थापना करनी चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने सभी सार्वजनिक उपक्रमों, कॉरपोरेट्स और व्यक्तियों से अपील की कि वे आगे आएं और अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में एनएसडीएफ में उदारतापूर्वक योगदान दें और भारत के खेल महाशक्ति बनने की इस यात्रा में हितधारक बनें।
अपने संबोधन के दौरान निसिथ प्रमाणिक ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड ने सदैव ही भारत में प्रतिस्पर्धात्मक खेलों के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा दिया है। निसिथ प्रमाणिक ने आश्वासन दिया कि सीआईएल द्वारा प्रदान की गई धनराशि का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाएगा और परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
खेल सचिव रवि मित्तल ने कहा कि इन तीनों अकादमियों में छात्रावासों के निर्माण से इन तीनों ही स्थानों पर राष्ट्रीय कोचिंग शिविर लगाना संभव हो सकेगा। उन्होंने कोल इंडिया से भविष्य में भी एनएसडीएफ में अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखने का आग्रह किया।
कोयला सचिव अनिल जैन ने कहा कि देश में खेलों के विकास में योगदान देना कोल इंडिया के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रतिभावान खिलाड़ियों के अभ्युदय में आवश्यक सहयोग देना कोल इंडिया का कर्तव्य है, वहीं दूसरी ओर इससे कोल इंडिया की ब्रांड छवि को निखारने में भी काफी मदद मिलती है।
राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) में मुख्य रूप से पीएसयू और पीएसबी की ओर योगदान प्राप्त हुआ है। 31 मार्च 2021 तक सीएसआर के तहत 170 करोड़ रुपये का योगदान मिला है। इसी के समकक्ष युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 164 करोड़ रुपये की रकम दी।
इस कोष से, मंत्रालय ने विभिन्न संगठनों को बुनियादी ढांचे और अकादमियों की स्थापना, खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण के लिए सहायता और लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में शामिल एथलीटों के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को सहायता प्रदान की है।
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