केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लू से प्रभावित राज्य सरकारों को जमीनी स्तर पर राज्य कार्य योजना लागू करने का आग्रह किया है। डॉक्टर मांडविया ने लू से प्रभावित सात राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज वर्चुअल बैठक की। उन्होंने लोगों को समय पर चेतावनी देने और लू के असर को कम करने के लिए तैयारी रखने को कहा है।
बैठक में लू की भीषण स्थिति सहित किसी भी तरह की आपदा के प्रभावी प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच संयुक्त प्रयासों के महत्व को उजागर किया गया। डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि लू से किसी की मौत न हो। उन्होंने कहा कि विचारों, विशेषज्ञता और राज्यों द्वारा बेहतर कार्य प्रणालियों को साझा करने से लू से होने वाली बीमारियो के प्रभावी प्रबंधन में सभी को सहायता मिल सकती है। उन्होंने लू से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए राज्यों को पूर्ण सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया।
इससे पहले, कल डॉ.मांडविया ने लू से जुडी तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय, मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पांच सदस्यों की टीम लू से प्रभावित राज्यों का दौरा करेगी। फिलहाल ओडिसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार और झारखंड में लू की चपेट में है।