कनार्टक उच्च न्यायालय ने आज ट्विटर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कुछ साइट्स और एप्स पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। ट्विटर के आचरण का उल्लेख करते हुए न्यायालय ने उस पर 50 लाख रुपये की लागत का जुर्माना भी लगाया है। सोशल मीडिया के ब्लॉगिंग मंच ट्विटर ने पिछले महीने जून में मंत्रालय के आदेश के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। उसने दावा किया था कि मंत्रालय का आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69-ए और अनुच्छेद-14 का उल्लंघन है, जिनमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने गृह मंत्रालय की सिफारिश और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर सट्टेबाजी की एक सौ अड़तीस साइट और ऋण देने वाले चौरानवे एप पर रोक लगा दी थी।
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