एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग जलवायु केन्द्र के पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई से सितंबर तक जब मानसून चरम पर होगा तब भारत में औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इसमें अप्रैल से जून और जुलाई से सितंबर के लिए दो अलग-अलग आकलन किये गये हैं। वहीं हाल ई एन एस ओ की ओर से जारी चेतावनी में एल नीनो से ला नीना की स्थितियों में सुचारू रूप से बदलाव की बात कही गई है। माना गया है कि मानसून की स्थिति में बदलाव इसी पूर्वानुमान पर आधारित है।
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