Categories: News-Headlines

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने डाकर, सेनेगल में यूसीएडी विश्वविद्यालय में संबोधन दिया

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू त्वरित और टिकाऊ परस्पर प्रगति लाने के लिए अफ्रीकी देशों के साथ आर्थिक समझौतों में पूरकताओं और अवसरों की पूर्ण रूप से खोज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक “दक्षिण-दक्षिण सहयोग” के सिद्धांतों ने सभी अफ्रीकी देशों के साथ भारत के मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंधों का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत वैश्विक शासन और वैश्विक विकास में एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है, अफ्रीकी देश इसकी समृद्धि में भारत के भरोसेमंद भागीदारों और हितधारकों के रूप में एक प्रमुख भूमिका निभाते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति नायडू कल डाकर, सेनेगल में पश्चिमी अफ्रीका के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक यूनिवर्सिटी चेख एंता डाओप में उपस्थित लोगों को ‘तिरंगा और तेरंगा- भारत और सेनेगल के बीच राजनयिक संबंधों के 60 साल’ विषय पर संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति नायडू देश की चार दिवसीय यात्रा पर हैं, जो भारत से सेनेगल की पहली राजकीय यात्रा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, “सेनेगल के “तेरंगा” शब्द में निहित शांति, सम्मान, ग्रहणशीलता, लोकतांत्रिक तत्व ऐसे मूलभूत मूल्य हैं, जो सेनेगल और भारत को एक साथ लाए हैं एवं साथ काम करने और हमारे लोगों के लिए शांति एवं संपन्नता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”

भारत और सेनेगल के 60 साल के सफल राजनयिक संबंधों को देखते हुए, उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि दोनों देशों में बहुलतावादी परंपराएं हैं, सांस्कृतिक सहिष्णुता में विश्वास करते हैं और ये मूल्य जनता से जनता के बीच के संबंधों का आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में और सेनेगल अफ्रीका में सबसे ज्यादा स्थायी और लोकतंत्र के मॉडलों में से एक के रूप में विकास के स्वाभाविक भागीदार हैं और एक दूसरे के साथ प्राकृतिक संबंध साझा करते हैं।

उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 3 जून, 2022 को डाकर, सेनेगल में यूनिवर्सिटी चेख एंता डाओप (यूसीएडी) में उपस्थित लोगों को ‘तिरंगा और तेरंगा- भारत और सेनेगल के बीच राजनयिक संबंधों के 60 साल’ विषय पर संबोधित किया।

उपराष्ट्रपति ने सेनेगल की भाषाओं (वोलोफ, सेरर और फुलानी) और द्रविड़ भाषाओं के बीच भाषाई समानता पर शोध की ओर इशारा करते हुए यह भी बताया कि कैसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समानताएं हैं। उन्होंने सेनेगल के लोगों द्वारा भारतीय सिनेमा को व्यापक रूप से देखे जाने और उनके प्रति प्यार का भी उल्लेख किया।

एक दिन पहले मोन्यूमेंट ऑफ अफ्रीकन रिनैसैंस के अपने भ्रमण का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि वह सेनेगल के नेतृत्व के परिवर्तनकारी विजन से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि वह मोन्युमेंट में महात्मा गांधी को प्रमुख स्थान देने के सेनेगल के कदम से भी प्रभावित हुए हैं, जो गांधीजी के आदर्शों के प्रति सेनेगल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि सेनेगल जैसे भागीदारों के साथ भारत की अगुआई में बना इंटरनेशनल सोलर अलायंस “करोड़ों घरों को टिकाऊ तरीके से रोशन करने और दूरदराज में रहने वाले लोगों को ऊर्जा तक पहुंच उपलब्ध कराने में” सहायता कर सकता है। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद से लड़ाई में व्यापक सहयोग का आह्वान किया और कहा कि भारत सेनेगल के साथ रक्षा एवं सुरक्षा भागीदारी बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने भारत और अफ्रीका से वैश्विक शासन को ज्यादा समानतापूर्ण बनाने के लिए मिलकर प्रया करने और एक विस्तृत यूएन सुरक्षा परिषद की दिशा में काम करने का भी आह्वान किया है।

उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा, “यह 54 देशों वाले अफ्रीकी महाद्वीप और वैश्विक आबादी का छठा हिस्सा रखने वाले भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपना उचित हिस्सा पाने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।”

उपराष्ट्रपति ने भारत-सेनेगल व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लिया

बाद में, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने डाकर में एक भारत-सेनेगल व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लिया और कारोबारी समुदाय को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि महामारी के बावजूद, दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में अच्छा विकास हुआ है। 2021-22 में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 1.65 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि आयात और निर्यात दोनों में द्विपक्षीय व्यापार में विविधता दिखाई दे रही है।

उपराष्ट्रपति ने माना कि भारतीय कंपनियों के लिए सेनेगल में विशेष रूप से कृषि, स्वास्थ्य, आईसीटी, खनन आदि में निवेश की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उपराष्ट्रपति नायडू ने सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड टेक्निकल डेवलपमेंट यानी सीईडीटी की सफलता का उल्लेख किया, जो भारत द्वारा डाकर में एक विशाल परियोजना के रूप में स्थापित की गई है जिसमें सेनेगल से 1,000 और अन्य अफ्रीकी देशों के 19 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।

संभावनाओं वाले क्षेत्रों के दोहन के लिए बी2बी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति नायडू ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रयास और सेनेगल में एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की सराहना की।

इस यात्रा में, उपराष्ट्रपति नायडू के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार, सांसद सुशील कुमार मोदी, सांसद विजय पाल सिंह तोमर और सांसद पी. रवींद्रनाथ, उपराष्ट्रपति सचिवालय और विदेश मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी गए हैं।

Leave a Comment

Recent Posts

शरीर में विटामिन की कमी के संकेत: जानिए कौन-सा विटामिन क्यों है जरूरी

शरीर में विटामिन की कमी के संकेत: जानिए कौन-सा विटामिन क्यों है जरूरी परिचय हमारे… Read More

14 hours ago

वैभव सूर्यवंशी ने बताया किसने दिलाए विंबलडन फाइनल के लिए कपड़े, अभिषेक शर्मा का नाम लिया

वैभव सूर्यवंशी का खुलासा: विंबलडन फाइनल देखने के लिए अभिषेक शर्मा ने दिलाए कपड़े भारतीय… Read More

1 day ago

YouTuber Sourav Joshi ने E20 पेट्रोल पर उठाए सवाल, Mercedes-Benz ने जारी की सफाई

YouTuber Sourav Joshi का दावा- E20 पेट्रोल से Mercedes की माइलेज घटी, कंपनी ने दी… Read More

1 day ago

CSK और Stephen Fleming की 18 साल पुरानी साझेदारी खत्म, IPL के सफल युग का हुआ अंत

CSK ने Stephen Fleming से 18 साल पुराना नाता तोड़ा, चेन्नई सुपर किंग्स के सुनहरे… Read More

2 days ago

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तबादले, कई अधिकारियों का ट्रांसफर; पूरी सूची और वजह जानें

उत्तर प्रदेश तबादला: प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों का ट्रांसफर, जानें क्या है पूरा मामला… Read More

2 days ago

This website uses cookies.