भारत को अगले सेमीकंडक्टर के बड़े केंद्र के रूप में बदलने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना के अनुरूप, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने अपने चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम के अंतर्गत 100 शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान एवं विकास संगठनों, स्टार्ट-अप और एमएसएमई से आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं।
चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम का उद्देश्य बहुत बड़े पैमाने पर एकीकरण (वीएलएसआई) और एम्बेडेड सिस्टम डिजाइन के क्षेत्र में 85,000 उच्च गुणवत्ता वाले और योग्य इंजीनियरों को प्रशिक्षित करना है और साथ ही अगले 5 वर्षों की अवधि में 175 एएसआईसी (एप्लिकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट), 20 सिस्टम ऑन चिप्स (एसओसी) और आईपी कोर रिपोजिटरी के वर्किंग प्रोटोटाइप का विकास करना है। यह स्नातक, परास्नातक और अनुसंधान स्तर पर एसओसी/सिस्टम स्तरीय डिजाइन की संस्कृति को विकसित करके इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) स्पेस में छलांग लगाने की दिशा में एक कदम होगा और काल्पनिक डिजाइन में शामिल स्टार्ट-अप के विकास के लिए प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।
यह कार्यक्रम देश भर के लगभग 100 शैक्षणिक संस्थानों/अनुसंधान एवं विकास संगठनों (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-एनआईटी, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईआईटी, सरकारी/निजी कॉलेजों और अनुसंधान एवं विकास संगठनों सहित) में लागू किया जाएगा। स्टार्टअप और एमएसएमई भी शैक्षणिक संस्थान-उद्योग सहयोगी परियोजना, ग्रैंड चैलेंज//हैकाथॉन/आरएफपी के अंतर्गत सिस्टम/एसओसी/आईपी कोर के विकास के लिए अपने प्रस्ताव पेश करके कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं।
सी2एस कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स में मूल्य श्रृंखला की प्रत्येक इकाई की ओर ध्यान देता है, जैसे-गुणवत्ता जनशक्ति प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास, हार्डवेयर आईपी डिजाइन, सिस्टम डिजाइन, अनुप्रयोग-उन्मुख अनुसंधान और विकास, प्रोटोटाइप डिजाइन और शिक्षा, उद्योग, स्टार्ट-अप और अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठानों की मदद से तैनाती।
कार्यक्रम के अंतर्गत, संस्थानों की विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल) और पहले के एसएमडीपी कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त डिजाइन अनुभव के आधार पर, तीन अलग-अलग श्रेणियों में प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं, जैसे, सिस्टम / एसओसीएस / एएसआईसी / पुन: प्रयोज्य आईपी कोर का डिजाइन और विकास, आईपी/एएसआईसी/एसओसी के अनुप्रयोग उन्मुख कार्य प्रोटोटाइप का विकास, और एएसआईसी/एफपीजीए के अवधारणा उन्मुख अनुसंधान और विकास का प्रमाण।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम कर रही सी-डैक (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) एक वैज्ञानिक समिति है, जो कार्यक्रम के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी।
चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी, 2022 तक भेजे जा सकते हैं।
परियोजना प्रस्तावों को पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में सी2एस पोर्टल (www.c2s.gov.in) पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन करने वाले संस्थानों को पोर्टल पर परिभाषित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है और प्रस्तावों के दिशानिर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।
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