अमेरिका और यूरोपीय संघ ने दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति पर चिंता जताई है। दोनों पक्षों ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर, पूर्वी चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की गतिविधियां इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को कमजोर करने वाली है और इसका सीधा असर अमेरिका और यूरोपीय संघ की सुरक्षा और समृद्धि पर पड़ता है। उपविदेश मंत्री वेंडी शेरमेन और यूरोपीय संघ के विदेश कार्य सेवा के महासचिव स्टेफ़ानो सैनिनो ने वाशिंगटन में हिन्द प्रशांत से संबंधित अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच पहली उच्चस्तरीय बैठक स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ताईवान जलडमरूमध्य में स्थिरता और यथास्थिति बनाये रखने पर जोर दिया और ताईवान के साथ सहयोग बढाने पर विचार साझा किया। चीन ने दक्षिण चीन सागर में स्प्रैटली और पैरासेल द्वीपों में अपने नौ-डैश लाइन दावों को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाया है। इसी को देखते हुये अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बैठक हुई है। दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्सों पर ताइवान, वियतनाम, ब्रुनेई, इंडोनेशिया और मलेशिया ने भी दावा किया है।
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