केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2003 से पहले मध्य प्रदेश एक बीमार राज्य हुआ करता था। 2003 को सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी सरकार ने राज्य पर से बीमारू राज्य का कलंक हटाया। 2003 से 2023 तक बीस वर्ष की अवधि, राज्य के लिए स्वर्णिम काल साबित हुई, जिसमें उसे गरीबी से मुक्ति मिली और एक आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की नींव डाली गई।
अमित शाह ने भाजपा सरकार का बीस वर्ष का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। उन्होंने गरीब कल्याण महा-अभियान का शुभारंभ भी किया।
डबल इंजन सरकार के लाभ गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने राज्य में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि न केवल सडक, बिजली और पानी की समस्याओं का समाधान हुआ है, बल्कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और विकास के सभी मानदंडों पर आगे बढा है। इसके अतिरिक्त विकास और समृद्धि राजधानी भोपाल से गांव की चौपाल तक पहुंच गए हैं।
केन्द्र सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 60 करोड गरीब लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाया है और 14 करोड लोग गरीबी की रेखा से बाहर आए हैं।
मध्य प्रदेश में पिछली कांग्रेस सरकारों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का बजट 23 हजार करोड रुपये रह गया था, जिसे शिवराज सिंह चौहान सरकार ने बढाकर तीन लाख करोड रुपये से अधिक कर दिया है।
अमित शाह ने बताया कि हर घर में शौचालय, प्रत्येक जरूरतमंद मां और बहन को गैस कनेक्शन, हर घर में नल से जल जैसी योजनाएं राज्य के सम्पूर्ण विकास के उदाहरण हैं। मोदी सरकार ने राज्य में 80 लाख मकानों में शौचालय बनाये हैं और एक करोड बीस लाख प्रधानमंत्री अन्न योजना कार्ड वितरित किए गए हैं।
भोपाल के बाद, अमित शाह ने ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में भाजपा की राज्य कार्य समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में राज्य के डेढ हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। अमित शाह ने मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
मध्य प्रदेश के लिए चुनाव प्रभारी, केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, कई केन्द्रीय मंत्री और संगठन से जुडे कई पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे।