अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) की स्थापना एकीकृत नियामक के रूप में की गई है, ताकि भारत में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों को विकसित तथा उन्हें नियमों के तहत संचालित किया जा सके।
वित्तीय बाजार की जरूरी इको-प्रणाली विकसित करने और वैश्विक ग्राहकों को बीमा समाधान प्रदान करने के लिये बीमा मध्यवर्ती संस्थायें (बिचौलिये) अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र के अहम हिस्सा हैं।
बीमा ब्रोकरों, कॉर्पोरेट एंजेंटों, थर्ड पार्टी एडमिनेस्ट्रेटर, पर्यवेक्षकों और नुकसान का मूल्यांकन करने वालों जैसे बिचौलियों या बीमा बिचौलियों को नियामक दायरे में लाने के लिये प्राधिकरण ‘अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (बीमा मध्यवर्ती संस्था) नियमन, 2021 को अधिसूचित कर चुका है। अब आईएफएससी में खुदरा बीमा व्यापार के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के सिलसिले में यह प्रस्ताव किया गया है कि बीमा वेब संगणकों के पंजीकरण और परिचालन के लिये नियामक स्वरूप बनाया जाये, ताकि आईएफएससी में उनके पंजीकरण का रास्ता साफ हो सके।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (बीमा वेब संगणक) नियमन, 2021 का मसौदा अन्य चीजों के साथ पात्रता मानदंड, पंजीकरण प्रक्रिया और अनुमति योग्य गतिविधियों की व्यवस्था करता है।
मसौदे के नियामक प्रारूप के साथ परामर्श प्रपत्र आईएफएससीए की वेबसाइट https://ifsca.gov.in/PublicConsultation , inviting comments / पर उपलब्ध हैं। मसौदे पर आम जनता और हितधारकों से सुझाव आमंत्रित हैं, जो 20 दिसंबर, 2021 तक या उसके पहले प्राप्त हो जायें।
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