पिछले साल देश में कोविड-19 के अप्रत्याशित प्रकोप के कारण पैदा हुए आर्थिक व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मार्च 2020 में लगभग 80 करोड़ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लाभार्थियों को अतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न (चावल / गेहूं) के वितरण की घोषणा की थी। इन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के तहत पांच किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह की दर से खाद्यान्न दिया गया है, जो इनकी नियमित मासिक एनएफएसए खाद्यान्नों यानी उनके राशन कार्ड पर नियमित पात्रता के अलावा है। इस प्रकार एनएफएसए परिवारों को सामान्य रूप से वितरित किए जाने वाले मासिक खाद्यान्न की मात्रा को प्रभावी रूप से दोगुना कर दिया गया है ताकि गरीब, जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के परिवारों और लाभार्थियों को आर्थिक संकट के दौरान पर्याप्त खाद्यान्नों की कमी के कारण परेशानी न उठानी पड़े।
उत्तर प्रदेश राज्य में लगभग 14.72 करोड़ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लाभार्थियों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के तहत शामिल किया गया है।
अभी तक, पीएम-जीकेएवाई योजना के तहत विभाग ने कुल मिलाकर लगभग 139.14 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न (चावल/गेहूं) राज्य को (अर्थात चरण I से चरण V तक कुल आवंटन) आवंटित किया है, जिसमें अनुमानित कुल सब्सिडी 43,335 करोड़ रुपये की रही।
इस योजना के चरण- I और चरण- II को क्रमशः अप्रैल से जून 2020 और जुलाई से नवम्बर 2020 तक लागू किया गया था, जिसमें विभाग ने उत्तर प्रदेश राज्य को 8 महीने की अवधि के लिए कुल 58.19 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया था। इसमें सब्सिडी परिव्यय लगभग 18,922 करोड़ रुपये का रहा, इसमें से कुल 56.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न (आवंटित मात्रा का लगभग 96.6 प्रतिशत) राज्य द्वारा प्रति माह औसतन लगभग 96.5 प्रतिशत एनएफएसए आबादी (14.2 करोड़ लाभार्थी) में वितरित किया गया था।
वर्ष 2021-22 में तीसरे चरण के दौरान वर्तमान वर्ष में जारी कोविड-19 संकट में, विभाग ने उत्तर प्रदेश में एनएफएसए लाभार्थियों को वर्ष 2020 में लागू पैटर्न के आधार पर मई और जून, 2021 के दौरान 4,438 करोड़ रुपये के सब्सिडी परिव्यय के साथ लगभग 14.71 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया था। इसमें से राज्य ने 14.14 लाख मीट्रिक टन (96.1 प्रतिशत) खाद्यान्न वितरित करने की जानकारी दी है। यह खाद्यान्न औसतन 95.7 प्रतिशत एनएफएसए जनसंख्या (14.1 करोड़ लाभार्थी) को प्रति माह प्रदान किया गया था।
वर्ष 2021-22 में चरण- IV के दौरान, पीएम-जीकेएवाई का नवम्बर 2021 तक विस्तार किए जाने से विभाग ने लगभग 36.79 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का आवंटन किया था, जिस पर सब्सिडी परिव्यय पांच माह की अवधि, जुलाई से नवम्बर 2021 तक (चरण- IV) के लिए 11,096 करोड़ रुपये रहा। पीएम-जीकेएवाई-IV के तहत वितरण जारी है और अभी तक राज्य से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 35.95 (97.7 प्रतिशत) खाद्यान्न का उठान हो गया है और 7.02 लाख मीट्रिक टन (जुलाई 21 का 95 प्रतिशत), 7.06 लाख मीट्रिक टन (अगस्त 21 का 96 प्रतिशत), 7.06 लाख मीट्रिक टन (सितम्बर 21 का 96 प्रतिशत), 7.03 लाख मीट्रिक टन (अक्टूबर 21 का 95.6 प्रतिशत) और 7.02 लाख मीट्रिक टन (नवम्बर 21 का 95 प्रतिशत) खाद्यान्न क्रमश: लगभग 14.04 करोड़, 14.12 करोड़, 14.12 करोड़, 14.07 करोड़ और 14.04 करोड़ लाभार्थियों में वितरित किया गया है। नवम्बर माह का वितरण जारी है। पीएम-जीकेएवाई -IV का प्रदर्शन भी उसी उच्च स्तर पर होने की उम्मीद है जो पहले चरणों में अर्जित किया गया था।
वर्ष 2021-22 के दौरान चरण V में, पीएम-जीकेएवाई को अन्य चार महीनों की अवधि के लिए दिसम्बर 2021 से मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए चरण-V का आवंटन लगभग 29.43 लाख मीट्रिक टन होगा जिसमें सब्सिडी परिव्यय लगभग 8,877 करोड़ रुपये है।
पीएम-जीकेएवाई के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य को (चरण I से चरण IV तक) कुल 109.7 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का आवंटन किया गया है, जिस पर अनुमानित रूप से 34,458 करोड़ रुपये की सब्सिडी आई है। अभी तक राज्य द्वारा चरण I से IV के लिए लगभग 105.55 लाख मीट्रिक टन (96.2 प्रतिशत) खाद्यान्न का वितरण किया गया है।
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment