केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय यात्रा पर जम्मू-कश्मीर में हैं। उन्होंने आज मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के खीर भवानी मंदिर में देवी राग्यना की पूजा-अर्चना की। उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे।
बाद में गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के साथ बातचीत की मांग के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश को देश में सबसे विकसित और समृद्ध बनाने के लिए सरकार जम्मू-कश्मीर के युवाओं और आम लोगों से बात करेगी।
अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करना और नागरिक की हत्याओं को पूरी तरह से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में एक विशेष स्थान है और राज्य की शांति और विकास प्रक्रिया में बाधा डालने की किसी को भी कतई अनुमति नहीं दी जाएगी।
गृहमंत्री ने बेमिना में 115 करोड़ रुपये की लागत से बने पांच सौ बिस्तरों वाले अस्पताल का उद्घाटन किया। उन्होंने हंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज और चार हजार करोड रुपए की अन्य सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
केंद्रीय गृहमंत्री 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर हैं।
इससे पहले जम्मू के भगवती नगर में कल एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विकास का एक नया युग शुरू हुआ है और इस विकास को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ जम्मू में मकवाल सीमा पर अग्रिम इलाकों का भी दौरा किया और वहां जवानों तथा स्थानीय निवासियों से बातचीत की। उन्होंने कश्मीरी पंडितों, गुज्जर-बकरवाल और पहाड़ी समुदाय के प्रतिनिधिमंडलों से भी बातचीत की।
गृहमंत्री की केंद्रशासित प्रदेश की यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह ऐसे समय में की गई है जब कश्मीर में आतंकवादी आम लोगों की हत्या से गैर-स्थानीय मजदूरों, निवासियों और घाटी के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के बीच भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे थे।