राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों के विकास में नए आयाम कायम किये हैं। हिमाचल प्रदेश की स्थापना की स्वर्ण जयंती के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2020-21 के सतत विकास लक्ष्य से संबंधी सूचकांक में हिमाचल प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग जरूरत पड़ने पर अन्याय, आतंक और देश के गौरव की बात आने पर किसी भी हमले का बहादुरी से जवाब देते हैं। हिमाचल प्रदेश के लगभग हर गांव के युवा भारतीय सशस्त्र बलों में सेवारत हैं। उन्होंने देश के गौरव के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के सभी लोगों के लिए गर्व की बात है कि वर्ष 2014 में कागज रहित यानि डिजिटल माध्यम से काम करने वाली देश की पहली विधानसभा बनी।
यह प्रौद्योगिकी के कुशल उपयोग, पर्यावरण की रक्षा और आर्थिक संसाधनों को बचाने का एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने सहित कई सराहनीय प्रयास किए हैं।
हिमाचल प्रदेश और पूरे देश के निवासियों के लिए यह वर्ष विशेष हर्ष और उल्लास से भरा है। एक ओर जहां हम सब स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिमाचल राज्य की स्वर्ण जयंती मना रहा है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने वाले तीसरे राष्ट्रपति हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, अध्यक्ष विपिन परमार और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विशेष सत्र को संबोधित किया।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री और हिमाचल से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर भी इस अवसर पर मौजूद थे।
