महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मिला कोविड जेएन.1 वैरिएंट का मरीज

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मिला कोविड जेएन.1 वैरिएंट का मरीज

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में आज कोविड के जेएन.1 वेरिएंट का पहला मामला मरीज मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिंधुदुर्ग के 41 वर्षीय पुरुष में कोविड का नया वेरिएंट पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन – डब्‍लयू एच ओ ने कहा है कि जेएन.1 वेरिएंट बहुत तेजी से फैलता है, लेकिन ये वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कम खतरनाक है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में कोविड स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में कोविड स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान हाल ही में देश के कुछ भागों में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड की निगरानी, रोकथाम और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा की गई।

विश्व के कुछ देशों चीन, ब्राजील, जर्मनी और अमरीका में कोविड मामलों की बढ़ती संख्या से उत्पन्न चुनौती को देखते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कोविड ​​के नए और उभरते वैरिएंट से निपटने के लिए तैयार रहने और सतर्क रहने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए इस पर सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोविड अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे स्थिति से निपटने के लिए उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना बनाने के लिए कोविड के मामलों और लक्षणों पर कड़ी निगरानी रखें।

डॉ. मांडविया ने उभरती स्थिति से निपटने के लिए “समग्र सरकार” दृष्टिकोण की भावना से केंद्र और राज्यों के बीच सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने देश में फैल रहे नए वेरिएंट का समय पर पता लगाने के लिए भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) नेटवर्क के माध्यम से वेरिएंट की निगरानी करने के लिए पोजीटिव मामलों के नमूनों के लिए निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे समय पर उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करने में सुविधा होगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे परीक्षण में तेजी लाएं और बड़ी संख्या में कोविड पोजिटिव मामलों और निमोनिया जैसी बीमारी के नमूनों को दैनिक आधार पर INSACOG जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं (IGSLs) में भेजें, ताकि नए वेरिएंट का पता जा सके।

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