भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के दौरान चीन और पाकिस्तान द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बारे में की गई कई अवांछित टिप्पणियों पर आपित्त की है। भारत ने दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे और कोई ताकत इन्हें अलग नहीं कर सकती। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया को बताया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बारे में भारत निरंतर चीन और पाकिस्तान के समक्ष प्रतिरोध और चिंताएं प्रकट करता रहा है। प्रस्तावित गलियारे में भारत के सार्वभौम क्षेत्र में ऐसी परियोजनाएं शामिल हैं, जो जबरन तथा अवैध विदेशी कब्जे का हिस्सा हैं। प्रवक्ता ने कहा कि भारत क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने के लिए ऐसी परियोजनाओं का इस्तेमाल करने की किसी भी कोशिश को संकल्पबद्ध होकर नामंजूर करता है। अरिंदम बागची ने कहा कि ऐसी गतिविधियों में तीसरे पक्ष को शामिल करने का कोई भी प्रयास अवैध, गैर कानूनी और अस्वीकार्य है।
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