भारत ने एकजुट, समन्वित और संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का सामना करने का आह्वान किया है। आतंकी कार्रवाई के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रूचिरा काम्बोज ने कहा कि आतंकी खतरे दुनियाभर में बढते जा रहे हैं। रूचिरा काम्बोज संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि आतंकियों से निपटने में दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए। दोहरे रवैये और निरन्तर राजनीतिकरण से सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की विश्वसनीयता अत्यधिक कम हो गई है। भारत को आशा है कि सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय आतंक से लडाई में जल्द से जल्द एक मंच पर आकर आवाज उठा सकते हैं।
रूचिरा काम्बोज ने कहा कि यह अत्यधिक खेद की बात है कि विश्व के कुछ सर्वाधिक कुख्यात आतंकियों से संबंधित वास्तविक और प्रमाण आधारित प्रस्तावों पर फैसला टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को अच्छे और बुरे आंतकी का ठप्पा लगाने के प्रयासों से बचना चाहिए क्योंकि इससे अवसरवादी ताकतों को अपनी सुविधा के अनुसार कुछ आतंकी गतिविधियों को न्यायोचित ठहराने का अवसर मिलता है।