भारत और अमेरिका के बीच सहयोग से सामान्‍य स्थिति की बहाली में मदद मिलेगी और आर्थिक गतिशीलता बढेगी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

भारत और अमेरिका के बीच सहयोग से सामान्‍य स्थिति की बहाली में मदद मिलेगी और आर्थिक गतिशीलता बढेगी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग से सामान्‍य स्थिति की बहाली में मदद मिलेगी और आर्थिक गतिशीलता बढेगी। उन्‍होंने कहा कि कोरोना महामारी से आपूर्ति प्रभावित हुई और औद्योगिक गतिविधियों में भी कमी आयी है। पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्‍मक असर पडा है। भारत-अमरीका उद्योग मंडल द्वारा आयोजित भारत-अमेरिका आर्थिक शिखर बैठक को वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्‍यम से संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने ये विचार व्‍यक्‍त किए। उन्‍होंने कहा कि शीत युद्ध के बाद की अवधि में भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक तथा प्रौद्योगिकी सहयोग और मजबूत हुआ है। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध के दौरान इसमें और गति आयी। फिलहाल अमरीका-भारत सामरिक भागीदारी अधिक बढी है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि मेक-इन-इंडिया के अवसर का लाभ उठाते हुए मौलिक साजो सामान विदेशी निर्माता, संयुक्‍त उद्यम या प्रौद्योगिकी समझौते के माध्‍यम से स्‍वयं या भारतीय कंपनियों की भागीदारी में उत्‍पादक सुविधाएं स्‍थापित कर सकते हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि सह-उत्‍पादन और सह- विकास के लिए अमरीकी और भारतीय रक्षा उद्योग में बड़ी संभावनाएं हैं। उन्‍होंने कहा कि भारतीय उद्योग, अमरीकी उद्योगों को साजो सामान भी उपलब्‍ध करा सकते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि लॉकहीड मार्ट‍िन और बोइंग जैसी कंपनियां पहले से भारत में कार्यरत हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्‍हें विश्‍वास है कि अन्‍य अमरीकी कंपनियों को भी नए भारत में रक्षा निर्माण में निवेश के बडे अवसर उपलब्‍ध हैं। रक्षा मंत्री का कहना था कि फिलहाल दोनों देशों के बीच व्‍यापार सहयोग का यह उचित समय है। इसमें दोनों देश क्रेता-विक्रेता संबंध से आगे बढकर सकारात्‍मक और टिकाऊ आर्थिक तथा व्‍यापार सहयोग की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे दोनों देश को लाभ पहुंचेगा।

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