प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात और अमरीका के समूह I2U2 जल, ऊर्जा, पर्यावरण, और अंतरिक्ष के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। I2U2 की पहली वर्चुअल बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि समूह के देशों ने मानवता की भलाई के लिए कौशल और अपने सामूहिक प्रयास की रूपरेखा तैयार की है।
“I2U2” ने एक सकारात्मक एजेंडा स्थापित कर लिया है। हमने कई क्षेत्रों में ज्वाइंट प्रोजेक्ट्स की पहचान की है और उनमें आगे बढ़ने का रोडमैप भी बनाया है। “I2U2” फ्रेमवर्क के तहत हम जल, ऊर्जा, परिवहन, स्पेस, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश खाद्य सुरक्षा और वैश्विक विकास को गति देने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान कर ली गई है।
“I2U2” काविजन और एजेंडा प्रोग्रेसिव और प्रैक्टिकल है। अपने देशों की परस्पर स्ट्रेन्थस – कैपिटल, एक्सपर्टाइज और मार्केट्स – को मोबिलाईज करके हम अपने एजेन्डा को गतिदे सकते हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। बढ़ती हुई वैश्विक अनिश्चिताओं के बीच हमारा कॉपरेटिव फ्रेमवर्क व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल भी है। मुझे पूरा विश्वास है कि “I2U2” से हम वैश्विक स्तर पर एनर्जी सिक्योरिटी, फूड सिक्योरिटी और इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण योगदान करेंगे।
बैठक में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा परजोर दिया गया है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि दीर्घावधि और विविध प्रकार के खाद्यान्न सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की आपूर्ति और प्रबंधन में नवाचार पर विचार-विमर्श हुआ। पश्चिम एशिया में खाद्य सुरक्षा के लिए निजी पूंजी निवेश और विशेषज्ञता, ढांचागत सुविधा और उद्योगों के विकास के लिए न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन तकनीक अपनाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैक्सीन की उपलब्धता और सम्पर्क बढ़ाने पर भी बल दिया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात, भारत में समन्वित खाद्य पार्क की श्रृंखला विकसित करने के लिए दो अरब डॉलर निवेश करेगा, इसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जायेगा। इस परियोजना में न्यूनतम कचरा, शुद्ध जल संरक्षण और अक्षय ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग किया जायेगा। भारत इस परियोजना के लिए समूचित भूमि और सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इन फूड पार्कों से किसानों को भी जोड़ा जायेगा। अमरीका और इस्राइल के विशेषज्ञ नवाचारी उपायों से इस परियोजना को समृद्ध करेंगे। इससे दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया में फसलों की अधिकतम उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी।
I2U2 समूह गुजरात में तीन सौ मेगावॉट की पवन और सौर ऊर्जा की हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना में निवेश करेगा। अमरीका की व्यापार और विकास एजेंसी ने इसके लिए तीन सौ 33 करोड़ डॉलर की सहायता दी है। इस्राइल और अमरीका, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देंगे। इससे भारत 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से पांच सौ गीगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर पायेगा।