प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पैरालंपिक खिलाडियों से कहा है कि वे आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए खेल के अतिरिक्त कुछ अन्य क्षेत्रों को चुनें और लोगों को प्रेरित करने तथा बदलाव लाने में उनकी सहायता करें।
आजादी के 75 साल आप 2023, 15 अगस्त तक हम इसको मना रहे होंगे और 24 में आपको पेरिस जाना है। फिर एक प्रकार से आजादी का अमृत महोत्सव ये पूरा कार्यकाल आप लोग देश को क्या दे सकते हैं। देश को कैसे मोटिवेट कर सकते हैं। आपके आसपास के लोगों को, स्कूल के लोगों को, और बच्चों को, और नौजवानों को। कुछ न कुछ संकल्प दीजिए कि इस आजादी के अमृत महोत्सव में मेरी खेल जगत के उपरांत अतिरिक्त मैं कोई एंकात जिम्मा लूं और मैं उसको पूरी तरह समय दूं। सप्ताह में एक घंटा, महीने में एक घंटा जो भी अपनी सुविधा हो। लोग आपकी बात को, आपके व्यवहार को बहुत स्वीकार करें और देश में बदलाव लाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने पैरालिम्पिक दल के अदम्य साहस और दृढ इच्छाशक्ति की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कडी मेहनत के बल पर इन खिलाडियों ने प्रतिष्ठा हासिल की हैं। इस कारण लोग उनकी बात सुनेंगे और उनके विचारों को स्वीकार करेंगे। इस तरह वे देश में बदलाव लाने में बडी भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने तोक्यो पैरालंपिक में भाग लेने वाले भारतीय खिलाडियों के साथ पिछले सप्ताह अपने आवास पर नाश्ते का आयोजन किया एक वीडियो शेयर किया। प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाडियों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
आपके पास बहुत कुछ है देश को देने के लिए और आपके जीवन को लोग बडे गर्व से देखेंगे। पहले क्या था, कल क्या था वो सब छोड़ दीजिए। आने वाले पल आपके लिए बहुत उज्जवल हैं और इसका पूरा फायदा उठाइए। मैं हर पल आपके साथ हूं। आपके सपने यहीं हमारे सपने हैं। वो सपने साकार करने के लिए मैं जहां हूं जो भी जिम्मेदारी है, मैं कुछ न कुछ करता रहूंगा। ये मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। मेरी तरफ से फिर एक बार बहुत – बहुत शुभकामनाएं आपको।
इस अवसर पर इन पैरालंपिक खिलाडियों ने अपने अनुभव और चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने, हमेशा सहायता और प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा की।
पहले तो आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहेंगे हम पूरी टीम की तरफ से कि आपने हमें इतना मान-सम्मान दिया और सिर्फ मेडलिस्ट को नहीं जो हम जैसे खिलाडी जो मेडल नहीं ला पाए उनको भी इतना मान सम्मान दिया उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं। उनको अवसर मिलना चाहिए। जी सर, आपकी जो प्रेरणा रही सर बेटियों के प्रति उसके लिए मैं हार्दिक धन्यवाद देना चाहती हूं। बेटियां हर क्षेत्र में अच्छा कर रही है। जी। आप देखिए पूरे देश में किसी भी क्षेत्र में देखिए। सिर्फ उनको अवसर मिलना चाहिए बस।
भारत ने पैरालंपिक खेलों में इस बार सबसे अधिक 54 खिलाडियों का दल भेजा था। भारत ने इन खेलों में 19 पदक जीतकर इतिहास रचा।