पंजाब में फिलहाल धान कटाई जोर-शोर से चल रही है। राज्य सरकार ने पराली के बेहतर प्रबंधन को लेकर किसानों में जागरूकता बढाने के लिए व्यापक अभियान चलाया।
राज्य में पराली जलाने पर पूरी तरह से पाबंदी है, फिर भी पराली जलाने की घटनाएं दिनोंदिन बढ रही हैं। धान की कटाई शुरू होने के पांच दिन में ही यह संख्या छह सौ 54 हो गई है, जिसमें सीमावर्ती जिले अमृतसर से अधिक मामले रिपोर्ट हुए हैं। तरनतारन, कपूरथला, पटियाला, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, रूपनगर और जालंधर जिलों में भी कुछ घटनाएं हुई हैं। सूत्रों के अनुसार विभिन्न जिलों में प्रशासन की तरफ से सख्त कदम ना उठाया जाना पराली जलाने की घटनाओं में लगातार वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। पराली जलने से राज्य में वायु गुणवत्ता सूचकांक भी बिगड़ने लगा है।