पंजाब के लगभग आठ जिलों में बाढ़ की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। विभिन्न बांधों से पानी छोड़ना भी कम कर दिया गया है। सतलुज और ब्यास नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण कई गांव जलमग्न हो गए हैं। हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई हैं। सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित जिलों में चौबीसों घंटे बचाव अभियान में लगी हुई हैं।
राज्य के गुरूदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर जिलों के कई गांव अभी भी पानी में घिरे होने के चलते टापू बने हुए हैं। होशियारपुर जिलें में टांडा के कंडवाल व महताबपुर में कुछ ऐसे ही हालत हैं। और सरकारी एजेंसियों के साथ गैर सरकारी संगठन यहां राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। लोगों को नौकाओं के सहारे सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। कपूरथला जिले के मंट इलाके में व्यास के तेज बहाव में डूबने से 20 व्यक्ति की मौत हो गई है।