गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- समूचे असम से सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम शीघ्र हटाया जाएगा

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- समूचे असम से सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम शीघ्र हटाया जाएगा

केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जल्‍दी ही पूरे असम से सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम हटा लिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि पिछले छह वर्ष में राज्‍य की बेहतर कानून -व्‍यवस्‍था की स्थिति और उग्रवादी गुटों के साथ शांति समझौते को देखते हुए पहले ही यह अधिनियम आंशिक रूप से हटाया जा चुका है।

अफस्‍पा हमेशा के लिए आम जनता का विरोध का कारण रहता था। नगालैंड, असम, मणिपुर, सशस्‍त्र विशेष बल अधिकार अधिनियम के तहत असम क्षेत्रों में हाल ही में कम करने का काम किया है। लगभग 1990 से असम के अंदर अफस्‍पा लागू था। लगातार सात बार इसको बढ़ाया गया और आज मुझे कहने में गर्व है कि मोदीजी के आठ साल के शासन के बाद स्थिति ऐसी हुई है कि असम के 23 जिलों में से अफस्‍पा को पूर्ण रूप से उठाने का काम हो गया है। एक रूप से आंशिक रूप से हटा दिया गया है असम के साठ प्रतिशत से ज्‍यादा हिस्‍से पर से अब अफस्‍पा हम हटा पाये हैं।

गृह मंत्री अमित शाह कल गुवाहाटी में असम पुलिस को राष्‍ट्रपति ध्‍वज प्रदान किए जाने के समारोह को सम्‍बोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि बोडो और कार्बी आंगलांग उग्रवादी गुटों के साथ शांति समझौतों पर हस्‍ताक्षर के बाद 9 हजार से अधिक उग्रवादी हथियार छोडकर मुख्‍य धारा में शामिल हुए हैं और उन्‍होंने असम को उग्रवाद और आतंकवाद से मुक्‍त करने में मदद की है।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के पहले यहां पर आतंकवाद, आंदोलन, बंद, बम धमाके, गोलीबारी, युवाओं की मृत्‍यु से एक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सरकार छह साल चली। पहले सर्बानंद जी के नेतृत्‍व में और अब हिमंत सरमा के नेतृत्‍व में। ये छह साल के अंदर आंदोलन, हिंसा, आतंकवाद की जगह, शांति, विकास, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा का रास्‍ता प्रशस्‍त हुआ है।

Related posts

Leave a Comment