गुजरात सरकार ने उद्योगों की सहायता के लिए आत्‍मनिर्भर गुजरात योजना की घोषणा की

गुजरात सरकार ने उद्योगों की सहायता के लिए आत्‍मनिर्भर गुजरात योजना की घोषणा की है। मुख्‍यमंत्री भूपेन्‍द्र पटेल ने गांधीनगर में संवाददाताओं को बताया कि इस योजना से राज्‍य में लगभग बारह लाख पचास हजार करोड रुपए का प्रस्‍तावित निवेश होने की आशा है। इसके अलावा आने वाले दिनों में लगभग पंद्रह लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत की तर्ज पर हरित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र, संधारणीयता और गतिशीलता सहित नौ क्षेत्रों की पहचान, प्रमुखता से गौर करने योग्‍य क्षेत्रों के रूप में की गई है।

इस नीति में सूक्ष्‍म, लघु तथा मध्‍यम उद्यमों, बडे उद्योगों और वृहद उद्योगों के लिए विभिन्‍न प्रोत्‍साहनों का प्रस्‍ताव किया गया है।

इनमें सूक्ष्‍म, लघु, मध्‍यम तथा बडे उद्यमों को दस वर्षों में निश्‍चित पूंजी निवेश के 75 प्रतिशत तक शुद्ध राज्‍य वस्‍तु और सेवा कर की प्रतिपूर्ति, दस वर्ष के लिए नए कर्मचारियों के ईपीएफ में उनके नियोक्ता के अंशदान की प्रतिपूर्ति, पांच वर्ष के लिए उद्योगों के वास्‍ते बिजली शुल्क में छूट और अन्‍य शामिल हैं। इस नीति में बडे उपक्रमों के लिए बारह प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का भी प्रस्ताव किया गया है। इसमें महिला उद्यमियों, युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और दिव्यांग उद्यमियों के लिए प्रोत्‍साहनों में वृद्वि का भी प्रस्ताव है।

इस अवसर पर राज्‍य के उद्योगमंत्री जगदीश विश्वकर्मा भी उपस्थित थे। गुजरात वाणिज्‍य और उद्योग परिसंघ ने आत्‍मनिर्भर नीति का स्वागत किया है।

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