केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने मछुआरों की मौत होने की स्थिति में मुआवजा एक लाख से बढाकर पांच लाख रूपये कर दिया है। परषोत्तम रूपाला आज कोलकाता न्यू टाउन में बिस्व बंगला कन्वेंशन सेंटर में 13वें भारतीय मत्स्य पालन मंच के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
दो दिन के इस सम्मेलन की थीम सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भारतीय मत्स्य उद्योग और मछली पालन को बढावा देता है। सम्मेलन 25 फरवरी को समाप्त हो जाएगा।
परषोत्तम रूपाला ने बताया कि सरकार ने देश के मछुआरों के लिए अनेक बीमा योजनाओं की शुरूआत के लिए अनेक पहल की हैं। सरकार उनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर क्रेडिट कार्ड की शुरूआत भी करेगी। देश में तीन करोड मछुआरा परिवार हैं और देश की तटीय रेखा आठ हजार किेलोमीटर लम्बी है। मछली का निर्यात और इस उद्योग का कारोबार साठ हजार करोड रूपये का है और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर एक लाख करोड़ रूपये करने का है।
परषोत्तम रूपाला ने बताया कि 2014 के बाद केन्द्र सरकार ने मत्स्य उद्योग और इससे संबंधित क्षेत्रों के लिए 38 हजार करोड रूपये आवंटित किये हैं जबकि आजादी के बाद 2014 तक इस क्षेत्र के लिए कुल तीन लाख छह सौ अस्सी करोड़ रूपये आवंटित किये गए थे।