भारत विश्व में सबसे कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश है और यह ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। यह जानकारी बिजली मंत्री आर.के. सिंह ने आज नई दिल्ली में हरित हाइड्रोजन के बारे में प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए दी। आर.के. सिंह ने कहा कि देश ने 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में सकल घरेलू उत्पाद के तीस प्रतिशत तक उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य रखा था जो नौ वर्ष पहले हासिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एलईडी बल्बों से संबंधित ऊर्जा योजना सहित विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है जो विश्व में कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में प्रमुख हैं। आर.के. सिंह ने यह भी कहा कि भारत ने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान देने संबंधी कॉप-21 के लक्ष्य भी समय से नौ वर्ष पहले हासिल कर लिए हैं। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर बल देते हुए मंत्री ने वैश्विक उद्योग जगत से अपील की कि वह भारत के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का हिस्सा बनें।
तीन दिन के सम्मेलन का लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन प्रणाली की स्थापना के लिए विचार-विमर्श और आवश्यक तंत्र की स्थापना करना है। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन के जरिए कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य हासिल करने के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
