उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नागालैंड की राजधानी कोहिमा के निकट नागा विरासत गांव किसामा में हॉर्नबिल महोत्सव के 23वें संस्करण का उद्घाटन किया। उपराष्ट्रपति ने नागालैंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ “महोत्सवों के समारोह” की शुरुआत की घोषणा करने के लिए घंटा बजा कर इसका उद्घाटन किया।
उपराष्ट्रपति के रूप में जगदीप धनखड़ पहली बार नागालैंड के दौरे पर आए हैं, उनको उद्घाटन समारोह में सिफी (पारंपरिक नागा टोपी) और अमुला कक्सा (नागा शॉल) देकर सम्मानित किया गया।
उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत देश संस्कृति की भूमि है और भारतीयों को अपनी जनजातीय संस्कृति पर गर्व है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने नागाओं की अनूठी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैं जनजातीय संस्कृति को नमन करता हूं और जनजातीय ऊर्जा का अभिवादन करता हूं।
उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौन्दर्य को मनमोहक बताते हुए इसे रेखांकित किया और कहा कि नागालैंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिनका पूरा दोहन करने की आवश्यकता है।
उपराष्ट्रपति ने देश में महिलाओं के खिलाफ सबसे कम अपराध दर होने के लिए नागालैंड की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत ने आज से जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण कर ली है और अगले वर्ष अप्रैल में नागालैंड में जी-20 की बैठक होने पर दुनिया नागा आतिथ्य भाव का अनुभव कर सकेगी। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने हॉर्नबिल महोत्सव के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट भी जारी किया।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने हॉर्नबिल महोत्सव के उद्घाटन के बाद नागा विरासत गांव किसामा में आर्ट गैलरी और मोरंग्स का दौरा किया।
इससे पहले आज दिन में, उपराष्ट्रपति ने कोहिमा के राजभवन में नागालैंड के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, उपमुख्यमंत्री वाई पैटन और मंत्रिपरिषद से मुलाकात की।