इराक में शिया मुस्लिम धर्मगुरू मुक्तदा अलसद्र की पार्टी संसदीय चुनाव में सबसे बड़ी विजेता के रूप में उभरी है। उनकी पार्टी ने 2018 में जीती 54 सीटों की तुलना में इस बार 73 सीटें जीती है। प्रारंभिक परिणामों के अनुसार 94 प्रतिशत मत पेटियों की गिनती के बाद अभी तक कोई भी राजनीतिक पार्टी 329 सदस्यों वाली संसद में इतना बहुमत प्राप्त नहीं कर पाई है कि अपना प्रधानमंत्री चुन सके। कुर्द पार्टियों को 61 सीटें मिली हैं। संसद के सुन्नी अध्यक्ष मोहम्मद अल-हलबोसी के तकद्दुम गठबंधन ने 38 सीटें जीती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नोरी अल मलिकी के नेतृत्व वाला स्टेट ऑफ लॉ गठबंधन 37 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है।
मुकतदा अलसद्र ने सरकारी टेलीविजन पर अपने भाषण में जीत का दावा किया है और विदेशी हस्तक्षेप से मुक्त राष्ट्रवादी सरकार का वायदा किया है।
2003 के अमेरिका के आक्रमण के बाद से इराक में शिया समूहों का सरकारों और सरकार गठन में वर्चस्व रहा है। 2003 से पहले इराक में सुन्नी तानाशाह सद्दाम हुसैन का शासन था। रविवार को हुए संसदीय चुनाव निर्धारित समय से कई महीने पहले हुए हैं। 2019 में सरकार और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ जनाक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बाद यह चुनाव हुए।