अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन एजेंसी मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग की आउटलुक को बढाकर नकारात्मक से स्थिर कर दिया है। आउटलुक को अपग्रेड करते हुए मूडीज ने आर्थिक सुधार के विस्तार और वित्तीय क्षेत्र के खतरे कम होने पर ध्यान आकर्षित किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि टीकाकरण के विस्तार से आने वाले समय में कोरोना वायरस संक्रमण से आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम कम हो गये हैं।
हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने भारत के लिए न्यूनतम निवेश ग्रेड रेटिंग Baa 3 बरकरार रखी है लेकिन साथ ही यह भी कहा कि आउटलुक को स्थिर में बदलने का निर्णय वित्तीय प्रणाली में आई मजबूती के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में ऋणों से जुडी परिस्थिति में भी सुधार हुआ है।
लगभग दो वर्ष बाद आये इस संशोधन में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक सुधार के जारी रहने के बल पर उन्हें उम्मीद है कि वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद इस वर्ष, पूर्व-महामारी वर्ष 2019-20 के स्तर को पार कर जाएगा। उनका अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में नौ दशमलव तीन प्रतिशत की वृद्धि होगी और अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि की दर सात दशमलव नौ प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
यह मोदी सरकार के सुधारों के लिए एक बहुत बडी सराहना है। मूडीज ने कहा कि भारत में आर्थिक सुधार जारी है और सभी क्षेत्रों में गतिविधि बढ़ रही है तथा व्यापक हो रही है। मूडीज के अनुसार, यदि मोदी सरकार द्वारा घोषित सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो ये नीतिगत कार्रवाइयां क्रेडिट सकारात्मक होंगी और उम्मीद से अधिक संभावित विकास का कारण बन सकती हैं। मूडीज को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि औसतन लगभग छह प्रतिशत होगी।