सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को दिसंबर-2023 तक बढ़ाया, इससे 81 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क खाद्यान्‍न मिलेगा

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने निःशुल्क खाद्यान्‍न उपलब्ध कराने की सुविधा दिसंबर-2023 तक बढ़ा दी है। उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वित‍रण मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस पर 2 लाख करोड रूपए का अतिरिक्त खर्च आएगा जिसे केन्‍द्र सरकार वहन करेगी।

जो गरीबों को अन्‍न सुरक्षा दी जाती है, ये अब पूरी तरीके से मुफ्त में लोगों को उपलब्‍ध करायी जाएगी देशभर में। लगभग 81 दशमल 35 करोड लोग जो खाद्य सुरक्षा के नियम के अनुसार अभी तक पैसे देकर सब्सिडाइज फूडग्रेन लेते थे, अब ये दोनों स्‍कीम्‍स पर एक प्रकार से जोर दिया गया है।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने वर्ष 2023 के लिए खोपरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी स्वीकृति दे दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले सत्र की तुलना में मिलिंग खोपरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 270 रुपये प्रति क्विंटल की और बॉल खोपरे के लिए 750 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

वर्ष 2023 में नारियल का तेल निकालने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली प्‍योर एवरेज क्‍वालिटी की मिलिंग कोपरा के लिए 10 हजार 860 रूपये प्रति क्विंटल तथा पूजा इत्‍यादि में उपयोग की जाने वाली वॉल कोपरा के लिए 11 हजार 750 रूपया प्रति क्विंटल का एमएसपी निर्धारित किया गया है। ये एमएसपी जो है ये मिलिंग कोपरा की लागत मूल्‍य से लगभग 52 प्रतिशत वॉल कोपरा के लागत मूल्‍य से लगभग 64 प्रतिशत अधिक है।

सरकार की नीतियों के कारण मौजूदा रबी मौसम में खेती-बाड़ी के दायरे में बढ़ोत्तरी हुई है। कृषि मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा रबी मौसम में 620 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई हुई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 26 लाख हेक्टेयर अधिक है। सरकार तिलहन और दालहन जैसी कम उपलब्धता वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई राष्ट्रीय कार्यक्रम लागू कर रही है।

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