विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत ने मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए सदैव सक्रिय भूमिका निभाई है। डॉक्टर जयशंकर ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अपने भागीदारों की प्राथमिकताओं के अनुरूप क्षमता निर्माण और मानव संसाधनों तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद से निपटने में दृढ़ और समझौता न करने वाला देश है। विदेशमंत्री ने कहा कि समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली की स्पष्ट और तत्काल आवश्यकता है।
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