आतंकवाद से मुकाबले पर भारत-रूस संयुक्त कार्य समूह की 12वीं बैठक मॉस्को में आयोजित हुई। दोनों देशों ने आतंकवाद और चरमपंथवाद से निपटने के अपने अनुभव साझा किए तथा वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर मौजूदा आंतकी खतरों पर चर्चा की। रूसी संघ के विदेश मंत्रालय में उप विदेश मंत्री ओलेग सिरोमोलोतोव और पश्चिमी देशों के सचिव संजय वर्मा ने तीन और चार मई को हुई बैठक की सह-अध्यक्षता की। रूसी पक्ष ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद से निपटने की समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत की भूमिका की सराहना की। दोनों पक्षों ने नई दिल्ली घोषणा पत्र को भी अपनाया। इस घोषणा पत्र ने आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती तकनीक के प्रयोग से निपटने पर ध्यान केंद्रित किया है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों में आतंकवाद से निपटने में सहयोग को सशक्त करने की अपनी वचनबद्धता दोहराई।
संयुक्त राष्ट्र संबंधी मुद्दों पर भारत-रूस द्विपक्षीय परामर्श बैठक कल रूसी संघ के उप विदेश मंत्री सेर्गेई वर्सिनिन के साथ आयोजित की गई थी। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चाएं की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सदस्य के रूप में भारत का समर्थन करता है।