डिजी यात्रा का उपयोग करके यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 1.74 मिलियन तक पहुंच गई

इस सप्ताह अपने मोबाइल फोन पर डिजी यात्रा एप्लिकेशन इंस्टॉल करने वाले यात्रियों की संख्या एक मिलियन से अधिक हो गई है। नागर विमानन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा 1 दिसंबर, 2022 को इसके उद्घाटन के बाद से 1.746 मिलियन लोगों ने इस सुविधा का उपयोग किया है। डिजी यात्रा आरंभ में दिसंबर 2022 में तीन हवाई अड्डों-नई दिल्ली, बेंगलुरु और वाराणसी में शुरू की गई थी, जिसके बाद अप्रैल 2023 में विजयवाड़ा, कोलकाता, हैदराबाद और पुणे में शुरू की गई।

डिजी यात्रा चेहरे की बायोमेट्रिक सत्यापन प्रौद्योगिकी का उपयोग कर बायोमेट्रिक बोर्डिंग प्रणाली के लिए नागर विमानन मंत्रालय की एक पहल है। इसका उद्देश्य हवाई अड्डों पर यात्रियों को सहज और बाधामुक्‍त अनुभव प्रदान करना है। इसका मुख्य उद्देश्य कई संपर्क बिंदुओं पर टिकटों एवं आईडी के मैन्युअल सत्यापन की आवश्यकता को समाप्त करके और डिजिटल फ्रेमवर्क का उपयोग करके मौजूदा अवसंरचना के माध्यम से बेहतर प्रवाह क्षमता (थ्रूपुट) अर्जित कर यात्रा के सुखद अनुभव में वृद्धि करना है।

डिजी यात्रा प्रक्रिया में, यात्रियों की व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (पीआईआई) डेटा का कोई केंद्रीय भंडारण नहीं है। यात्रियों के सभी डेटा को एन्क्रिप्ट किया जाता है और यात्रियों के स्मार्टफोन के वॉलेट में स्‍टोर किया जाता है और यात्रा आरंभ होने के मूल हवाई अड्डे के साथ सीमित समय अवधि के लिए ही साझा किया जाता है, जहां यात्री की डिजी यात्रा आईडी को सत्‍यापित करने की आवश्यकता होती है। उड़ान के 24 घंटों के भीतर सिस्टम से डेटा हटा दिया जाता है। डेटा केवल मूल हवाई अड्डे पर सीधे यात्रियों द्वारा साझा किया जाता है और वह भी केवल तभी जब वे यात्रा करते हैं। डेटा का उपयोग किसी अन्य निकाय द्वारा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह एन्क्रिप्टेड है और इसे किसी भी हितधारक के साथ साझा नहीं किया जा सकता।

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