केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी, असम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। अमित शाह ने असम सरकार की विकास और शासन उन्मुख न्यूज़ लेटर ‘असम बारता (Asom Barta)’ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिश्व शर्मा और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा रामेश्वर तेली सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि असम सरकार ने अलग-अलग कार्यक्रमों और सूचनाओं के माध्यम से अपने एक साल के काम काज का लेखा जोखा और उपलब्धियों को राज्य की जनता के सामने रखने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी पार्टी की परंपरा है कि हम घोषणा पत्र और संकल्प पत्र के आधार पर चुनाव लड़ते हैं। पहले भारतीय राजनीति में घोषणा पत्र को लोग हल्के मे लेते थे क्योंकि माना जाता था कि इसका कोई मतलब नहीं होता और पाँच साल तक इसमें से कुछ नहीं होता, लेकिन जब से हमारी पार्टी की सरकारें बनीं हमने जनता को जवाब देने की शुरुआत की। राज्यों में हमारी पार्टी की सरकारों और केंद्र में पहले अटल जी के नेतृत्व में बनी सरकार और फिर मोदी जी के नेतृत्व में दो बार बनी सरकार ने अपना हिसाब किताब जनता के सामने रखने का प्रयास किया है। अमित शाह ने कहा कि अंततोगत्वा लोकतंत्र में निर्णायक मत नागरिक का होता है और उसे यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसने जो सत्ता दी थी उसका उपयोग जनता के हित में किस प्रकार से हुआ है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज असम सरकार ने न्यूज़ लेटर शुरू करने का जो प्रयास किया है वह एक प्रकार से स्तुत्य प्रयास है। न्यूज़ लेटर शुरू करना सरल है मगर इसे चलाना मुश्किल हैं क्योंकि जब आप कुछ करोगे नहीं तो छापोगे क्या? लेकिन हमारी पार्टी की सरकार ने ही जनता को अपने कार्यों का लेखा जोखा देने का काम किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस न्यूज़ लेटर में पिछले 365 दिन में असम की भाषा और संस्कृति को समृद्ध करने से लेकर क़ानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, प्रशासन और जनजातियों के कल्याण सहित हर क्षेत्र में किए गए कार्यों का हिसाब किताब राज्य की जनता के सामने पेश किया है। उन्होने कहा कि मैं मानता हूं कि हमारी पार्टी का मॉडल और पार्टियों को भी स्वीकारने चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में सत्ता जनता देती है और हमारी जनता के प्रति हमारी जवाबदेही होनी चाहिए, रिस्पांसिबिलिटी का निर्वाहन तभी होता है जब हम अकाउंटेबिलिटी से काम करें।
अमित शाह ने कहा कि हमने नेडा (NEDA) बनाया और आज मैं पूरे गौरव के साथ कहता हूं कि नॉर्थईस्ट के सभी आठों राज्यों के अंदर नेडा के तत्वाधान में सरकारें चल रही है। हमारे पास नॉर्थईस्ट की समस्याओं का समाधान है हम नार्थ ईस्ट की समस्याओं को उलझाना नहीं बल्कि सुलझाना चाहते हैं। उन्होने कहा कि पहले पूरे नॉर्थईस्ट को निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए बाँट कर रखा था लेकिन मैं आज असम के युवाओं को कहने आया हूं कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और द्वारिका से कामाख्या तक पूरे भारत में जो 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनोमी बनने जा रही है उस पर असम के युवाओं का भी पूरा अधिकार है। उन्होने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने बोडोलैंड और कार्बी समझौता किया है। पूरे उत्तर पूर्व में 40 साल से जो अनेक समस्याएं जड़ जमा कर बैठी थी उनका नरेंद्र मोदी और हिमन्त बिश्व शर्मा व सर्बानंद सोनवाल ने पिछले 6 साल में समाधान करने का काम किया है। इसके कारण आज असम के अंदर शांति व्यवस्था, विकास और एक उन्नत भविष्य का संचार हुआ है। आज असम कर्फ्यू ग्रस्त नहीं है, यहाँ बम धमाके नहीं सुनाई पड़ते हैं, गोलियों की आवाज नहीं आती है और आज असम का युवा बंदूक और पेट्रोल बम की जगह लैपटॉप लेकर पूरी दुनिया के साथ स्पर्धा के लिए खड़ा है।
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने संवेदना के साथ सभी आठ सरकारों को साथ में लेकर पूरे नॉर्थ ईस्ट के विकास का सपना देखा है और वह दिन दूर नहीं है जब उत्तर पूर्व की सभी राजधानियां एयर और रेल से जुड़ जाएंगी और हमारा असम बाढ़ मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने शिलांग में इसरो के साथ मिलकर नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए एक नई पहल की है। इसके तहत पूरे नार्थ ईस्ट की टोपोग्राफी को देखते हुए पानी को मैदान में संग्रहित करने और लाखों-करोड़ों गैलन पानी के तालाब बनाने का काम किया जा रहा है। ब्रह्मपुत्र और बाकी नदियों के पानी को बाढ़ से तबाही की जगह सिंचाई, पीने और इंडस्ट्री के लिए कैसे उपयोग में लिया जा सकता है इसकी प्लानिंग हो रही है। असम के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ अमृत सरोवर की योजना की घोषित की है जिसमें बनने वाले 3000 बड़े तालाब असम में जल संचय की दृष्टि से एक बहुत बड़ी क्रांति लाने वाले है। उन्होने कहा कि यह परिवर्तन हमारी सोच की वजह से आया है। भारत तभी महान बन सकता है जब असम महान बनेगा और असम तभी महान बन सकता है जब भारत महान बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि असम के युवाओं के लिए यहाँ फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी का कैम्पस खोला जाएगा और रक्षा से जुड़े उपकरणों के उत्पादन के लिए हमने बीएसएफ का एक छोटा सा यूनिट शुरू किया है। उन्होने कहा कि असम में रक्षा उत्पाद की सभी संभावनाओं को तलाशने के लिए गृह मंत्रालय असम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि हमने घोषणा पत्र में जो वायदे किए थे उन्हे पूरा किया है, अब तक श्रेणी 3 और 4 के पदों के लिए दो भर्ती आयुक्त पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। हमने 2,00,000 लोगों को नौकरी देने का वादा किया था और हिमन्त बिश्व शर्मा सरकार ने पहले ही साल में 23,000 लोगों को नौकरी देने का काम पूरा कर दिया है। हमने गौ तस्करी रोकने का वायदा किया था और आज मैं बहुत फक्र के साथ कह सकता हूं कि हिमन्त बिश्व शर्मा सरकार ने असम की भूमि पर से गौ तस्करी को पूर्णतया रोकने में सफलता पाई है। हमने कहा था कि नारकोटिक्स के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाएंगे, एक साल में लगभग 2,834 केस 1 रजिस्टर किए गए जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है और 4,838 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही करीब 550 करोड़ से ज्यादा मूल्य के मादक द्रव्य को पकड़ा गया है, मवेशियों के लिए लगभग 1000 लोगों की गिरफ्तारियां की है।
गृह मंत्री ने कहा कि ट्राइबल की बात करने वाले लोग आंख मूंद कर बैठे थे, जंगल और आदिवासियों की जमीन पर घुसपैठिए कब्जा करके बैठे थे मगर उनमें वोट बैंक की वजह से कुछ करने का साहस नहीं था। हमारी पार्टी ने न कभी घुसपैठ को स्वीकारा किया और न घुसपैठियों को। हमारे लिए राष्ट्र, देश और असम प्रथम है। देश के ट्राईबल और जंगल की भूमि पर अगर कोई घुसपैठिया कब्जा करके बैठेगा तो हमें उसको उखाड़ फेंकना है और असम सरकार ने बहुत अच्छे तरीके से यह काम किया है। उन्होंने कहा कि एनडीडीबी (NDDB) और अमूल को यहां लाकर हम लगभग ढाई लाख से ज्यादा किसानों को दुग्ध उत्पादन के साथ जोड़कर एक व्हाईट रिवोल्यूशन की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने अहोम जनरल लाचित बरफुकन मैदान पर एक भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की थी, इसकी योजना बन गई है और बहुत कम समय में यहाँ जनरल लाचित बरफुकन की 150 फुट ऊंची कांस्य की मूर्ति लगाने का काम किया जाएगा। इससे देश की रक्षा के लिए कोई व्यक्ति निरंतर कैसी लड़कर विजयी हो सकता है इसकी प्रेरणा असम और पूरे देश के युवाओं को मिलेगी। उन्होने कहा कि न केवल असम बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से कोलकाता तक पूरे देश के युवाओं को लाचित बरफुकन के बारे में पढ़ना और जानना चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि असम सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि गैंडे के शिकारियों पर नकेल कसना है। घुसपैठिए हमारे असम की पहचान गैंड़ों का शिकार करना कर तेज गति से असम को गैंडा मुक्त बनाने का काम कर रहे थे मगर हमने तेज गति से उन पर नकेल कसी है और उन्हे जेल में डाला है इससे गैंड़ों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होने कहा कि असम सरकार ने मिशन वसुंधरा के तहत भूमि अभिलेखों को मिशन मोड में अपडेट करने का काम शुरू किया है और भूमि संबंधी 9 सेवाओं के लिए 8,00,000 परिवारों के आवेदन भी प्राप्त हो चुके हैं। साथ ही नागरिक केंद्रित प्रशासन की दिशा में 300 में से 85 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमें इस दृष्टि से आगे बढ़ना चाहिए जिससे असम देशभर में इन्वेस्टमेंट का हब बने और यह तभी हो सकता है जब असम के युवा देश के साथ जुड़ना शुरू करें। उन्होंने कहा कि असम और देश के अंदर बहुत सारी संभावनाएं हैं। असम के युवा का पूरे देश पर अधिकार है, उसे इसमें कोई संकुचित सोच रखने की जरूरत नहीं है। देश में हर संभावना असम के युवक के लिए बनी है, असम के युवा आगे बढ़ इन संभावनाओं का दोहन कर असम को एक समृद्ध राज्य बनाकर देश को समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें।