केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने प्रसाद योजना के तहत ‘केदारनाथ के एकीकृत विकास’ के अंतर्गत कई परियोजनाओं के कार्य पूरे किए हैं। एकीकृत परियोजना के तहत, कई परियोजना कार्य जैसे किफायती स्वच्छ खाद्य सामग्री दुकान, शौचालय खंड, इको-लॉग इंटरप्रिटेशन सेंटर, सूचना संकेतक बोर्ड, रुद्रप्रयाग में स्नान घाट; तिलवाड़ा में पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट, शौचालय खंड, दिशासूचक बोर्ड; अगस्तमुनि में बैठने की व्यवस्था, तीन विश्राम गृह, दो व्यू प्वाइंट (दर्शक दीर्घा), सुरक्षा दीवारें, शौचालय खंड, पार्किंग; ऊखीमठ में इको लॉग हट्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर, प्रसाद की दुकानें, बहुस्तरीय पार्किंग; गुप्तकाशी में सौर एलईडी स्ट्रीट लाइट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन; कालीमठ में फूड कियोस्क, रिटेनिंग वॉल; सीतापुर में बैठने की व्यवस्था, पर्यटक सूचना केंद्र, सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट का काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना के तहत सीसीटीवी, निगरानी, वाई-फाई स्थापना सहित सात स्थानों पर आईईसी का काम भी पूरा कर लिया गया है। परियोजना के सभी स्वीकृत कार्य जून 2021 में सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। केदारनाथ परियोजना के एकीकृत विकास के लिए स्वीकृत परियोजना की लागत 34.78 करोड़ रुपये है।
भक्तों के बीच केदारनाथ एक आकर्षक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। ध्यान गुफा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एकांत में 17 घंटे बिताए थे, भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। सरकार ने इस प्राचीन गुफा को भैरवनाथ मंदिर के सामने पुनर्निर्माण परियोजना के तहत ध्यान के लिए तैयार किया है। प्रधानमंत्री के ध्यान सत्र के बाद यह गुफा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई।
स्थानीय प्रशासन केदारनाथ धाम में तीन और गुफाएं विकसित कर रहा है। केदारनाथ के पास करीब 12,500 फुट की ऊंचाई पर इन तीनों गुफाओं का निर्माण किया जा रहा है ताकि भक्त एकांत में और शांति से ध्यान कर सकें।