प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल और गैस क्षेत्र के विशेषज्ञों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ की बैठक। मुलाकात के दौरान पीएम ने उपभोक्ताओं और तेल उत्पादकों के बीच भागीदारी मज़बूत करने पर दिया ज़ोर।
ऊर्जा की कीमतों को कम करने के लिये प्रधानमंत्री ने उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच साझेदारी पर जोर दिया है. सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी भारत सहित दुनिया भर के तेल और गैस क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों से मिले. इस मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार के अलावा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
सीईओ और विशेषज्ञों ने पिछले चार वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा व्यापार के क्षेत्र में सुधार की प्रक्रिया के लिए सरकार की सराहना की. ऊर्जा क्षेत्र के वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने तेल और गैस के बाजार में भारत की महत्वपूर्ण स्थिति पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि तेल बाजार उत्पादक संचालित है और तेल की मात्रा और कीमत दोनों ही तेल उत्पादक देशों द्वारा तय की जा रही हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों के बारे में भी विशेषज्ञों से चर्चा की. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढोतरी के कारण उपभोक्ता देशों को गंभीर संसाधनों की कमी सहित कई अन्य आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इस अंतर को पूरा करने में तेल उत्पादक देशों का सहयोग बहुत जरूरी है. उन्होंने तेल उत्पादक देशों से विकासशील देशों में तेल क्षेत्र में विकास के लिए जरूरी निवेश में सहयोग का आग्रह किया.
प्रधानमंत्री ने इन देशों से तकनीक और वित्तीय दोनों क्षेत्रों में सहयोग के लिए आगे आने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री ने गैस वितरण में निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी जोर दिया. प्रधानमंत्री ने पेमेंट की शर्तों की समीक्षा करने पर भी चर्चा की, जिससे स्थानीय करेंसी को भी तात्कालिक राहत मिल सके.
बाद में उर्जा क्षेत्र के एक सम्मेलन मे सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालित अल फलिह ने प्रधानमंत्री के नीतिगत सुधारों विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों की तारीफ भी की.
इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि तेल वास्तव में एक वैश्विक कमोडिटी है और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से उपजी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत और तेल उत्पादक देशों के बीच लगातार साझेदारी बनी रहनी चाहिए.
सऊदी मंत्री ने कहा कि वो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों के उतार-चढ़ाव के असर को समझते है. उन्होंने तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन भी दिया.
धर्मेंद्र प्रधान ने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश के माहौल में और सुधार लाने के लिए सुझाव मांगे. उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे काम का भी जिक्र किया और इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार करने पर जोर दिया.
छत्तीसगढ़ में पहले चरण के चुनाव के लिए आज अधिसूचना होगी जारी और उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इस महीने की 23 तारीख तक पर्चे भरे जा सकेंगे। पहले चरण में राज्य के आठ जिलों के 18 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर को होगा मतदान।
छत्तीसगढ़ में पहले चरण के चुनाव के लिए आज अधिसूचना जारी होगी और उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। राज्य में पहले चरण में राज्य के आठ जिलों के 18 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए 23 अक्टूबर नामांकन जमा करने के अंतिम तिथि है… 24 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जाँच की जाएगी तथा प्रत्याशी 26 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया पहले दौर के मतदान के लिए पूरी तैयारियां की गई हैं। पहले चरण में 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। शतप्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए चार हजार 336 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।
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