केंद्र सरकार ने ड्रोन उडानें संबंधी नये नियम जारी कर दिए हैं। नये नियमों के अनुसार हवाई अड्डे की परिधि से येलो जोन क्षेत्र को घटाकर 45 किलोमीटर से 12 किलोमीटर कर दिया है। हवाईअड्डे के आसपास ग्रीन जोन में आठ से बारह किलोमीटर के बीच के क्षेत्र में 200 फीट तक ड्रोन के संचालन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। ड्रोन और ड्रोन टैक्सियों में भारी पेलोड ले जाने की क्षमता को 300 से बढ़ाकर 500 किलोग्राम कर दिया गया है। ड्रोन उडानों की अनुमति की संख्या घटाकर पच्चीस से पांच कर दी गई है।
अब पंजीकरण या लाइसेंस जारी करने से पहले किसी सुरक्षा मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने ड्रोन के संचालन की अनुमति की फीस भी कम करके नाममात्र कर दी है। जुर्माने की राशि में भ्री कटौती की गई है। अधिकतम जुर्माना अब एक लाख रुपये होगा। हालांकि, इस जुर्माने में अन्य कानूनों के उल्लंघन का दंड शामिल नहीं होगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय ड्रोन के आयात को नियंत्रित करेगा।
कार्गो डिलीवरी के लिए ड्रोन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे और व्यापार के अनुकूल नियामक व्यवस्था की सुविधा के लिए मानव रहित विमान प्रणाली संवर्धन परिषद की स्थापना की जाएगी।
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