पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MOPSW) ने विश्व बैंक और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के साथ मिलकर आज केरल के कोच्चि में ‘ग्रीन इनलैंड वेसल्स ट्रांजिशन के लिए मार्ग तैयार करना’ विषय पर राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में हुई चर्चाएं ‘एमआईवी 2030’ और ‘अमृतकाल विजन 2047’ में उल्लिखित शुद्ध शून्य उत्सर्जन के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम आगे ले जाएंगी। एमओपीएसडब्ल्यू शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी उपाय कर रहा है। यह पहल सरकार की समुद्री क्षेत्र की नीति के अनुरूप है जो एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और प्रधान मंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत भारत को स्थायी हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। यह बंदरगाह विकास, संचालन और रखरखाव में एक गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के अंतर्गत ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ और एमओपीएसडब्ल्यू के तहत ‘हरित सागर दिशानिर्देश’ के लिए वर्तमान सरकार के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भी समझा जाता है।
कार्यशाला में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी, असम, महाराष्ट्र, गोवा, ओडिशा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल राज्य जल परिवहन विभाग और कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के राज्य सरकार के प्रतिनिधियों सहित शिपर्स, जहाजों के मालिकों के कार्गो मालिक आदि सहित विभिन्न निजी संस्थाओं ने भाग लिया। यह अपनी तरह की पहली कार्यशाला है जो उद्योग के प्रमुख नेताओं को भारत में हरित संक्रमण के भविष्य को एकजुट होकर निर्णय लेने में मदद करेगी।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, कोच्चि जल मेट्रो और जल परिवहन से जुड़े राज्य विभागों सहित भारत में समुद्री और अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन क्षेत्रों के कुछ प्रमुख हितधारकों के साथ मौजूदा और वैकल्पिक ईंधन (जैसे बिजली, हाइड्रोजन और मेथनॉल) पर आधारित आगामी जहाजों के प्रदर्शन के माध्यम से हरित संक्रमण की दिशा में प्रगति साझा की।
चर्चाएं प्रस्तावित योजना के इर्द-गिर्द घूमती रहीं, जिसमें वित्तपोषण, निर्माण और हरित पोत पहल को शुरू करने के साथ-साथ इसके लिए सहायक बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। विभिन्न हरित ईंधन विकल्पों पर भी चर्चा की गई।
कोच्चि वॉटर मेट्रो के प्रतिनिधियों ने कैसे कोच्चि शहर में जल-आधारित मेट्रो प्रणाली न केवल जल परिवहन को अपनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि बिजली के जहाजों के सबसे बड़े बेड़े के स्वामित्व के साथ अपनी तरह की पहली वैश्विक परियोजना भी है विषय पर वैचारिक और परिचालन रूपरेखा साझा की
कार्यक्रम के दौरान, कोच्चि वॉटर मेट्रो की तर्ज पर, महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधि ने महाराष्ट्र में इसी तरह की वॉटर मेट्रो प्रणाली शुरू करने के लिए कोच्चि वॉटर मेट्रो और एमओपीएसडब्ल्यू के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने में रुचि दिखाई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के बीच प्रौद्योगिकी स्थिरीकरण और मानकीकरण के लिए अनुसंधान और विकास के महत्व पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला के बाद 2 दिसंबर 2023 को कोच्चि वॉटर मेट्रो और कोचीन शिप यार्ड का दौरा किया जाएगा।
Anthropic के Claude AI की खासियतें क्या हैं? Claude AI की सबसे बड़ी विशेषता इसका… Read More
अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP… Read More
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका कब?' दिग्गज क्रिकेटर ने BCCI पर उठाए सवाल… Read More
YouTube यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! नए फीचर्स और पॉलिसी बदलावों से बदल सकता है… Read More
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment