केवीआईसी ने आज एक बयान में कहा है कि दोनों कंपनियां ब्रांड नाम “खादी” का उपयोग करके विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से कई तरह के कॉस्मेटिक और सौंदर्य उत्पादों को बेचने में लगी हुई हैं और इस तरह उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही हैं।
अगस्त के पहले सप्ताह में खादी असेन्शल और खादी ग्लोबल को दिए गए नोटिस में केवीआईसी ने दोनों कंपनियों को ब्रांड नाम “खादी” का उपयोग करके अपने उत्पादों की बिक्री या प्रचार को तुरंत बंद करने और डोमेन नाम www.khadiessentials.com और www.khadiglobalstore.com को रद्द करने को कहा है। दोनों कंपनियों को ट्विटर,फेसबुक,इंस्टाग्राम और पिंटरेस्ट जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों पर अपने सोशल मीडिया हैंडल को भी बंद करने के लिए कहा गया है।
कानूनी नोटिस में दोनों कंपनियों को कहा गया है कि “मार्क को अपनाकर उसका उपयोग उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए किया जा रहा है स्पष्ट है कि आपके मार्क को लेकर बाजार में बुरा भरोसा है और इसका उद्देश्य खादी ट्रेडमार्क की सद्भावना और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग करना है। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि खादी इंडिया के अलावा,ट्रेडमार्क “खादी” का उपयोग केवल अधिकृत लाइसेंसधारी या फ्रेंचाइजी धारकों द्वारा ही किया जा सकता है”। “केवीआईसी के ट्रेडमार्क को पूरी तरह से निर्धारित करने वाले मार्क का उपयोग समान वस्तुओं के लिए करना निस्संदेह बाजार में भ्रम और धोखे का कारण बनेगा। नोटिस में आगे कहा गया है कि मार्क का इस्तेमाल करना “खादी” ट्रेडमार्क का दुरुपयोग और गलत प्रतिनिधित्व होगा।
दोनों कंपनियों को कड़े शब्दों में कहा गया कि वे “खादी” के ब्रांड नाम का उपयोग करके उत्पादों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाएं और सभी उत्पाद पैकेजिंग,लेबल,प्रचार सामग्री,साइनबोर्ड और क्रमश: खादी असेन्शल तथा खादी ग्लोबल से जुड़े किसी भी अन्य व्यावसायिक स्टेशनरी को शीघ्र नष्ट कर दें। केवीआईसी ने कहा है कि सात दिनों में निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर दोनों कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि “खादी” ब्रांड नाम का कोई भी दुरुपयोग हमारे कारीगरों की आजीविका पर सीधा असर डालता है जो भारत के दूरदराज के इलाकों में वास्तविक दस्तकारी उत्पाद बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवीआईसी ब्रांड नाम “खादी” का दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। श्री सक्सेना ने कहा कि यह खादी कारीगरों के हितों की रक्षा करना और खादी के नाम पर किसी भी तरह के नकली उत्पाद की बिक्री को रोकना है।
केवीआईसी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने अपने ब्रांड नाम “खादी इंडिया” के किसी भी दुरुपयोग इसके ट्रेडमार्क के उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। केवीआईसी ने अब तक अपने ब्रांड के नाम का दुरुपयोग करने और खादी के नाम से उत्पादों को बेचने के लिए फैबइंडिया सहित 1000 से अधिक निजी फर्मों को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। केवीआईसी ने फैबइंडिया से 500 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है जो मुंबई उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।
केवीआईसी ने खादी के नाम पर नकली कपड़े की बिक्री के कारण इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और खादी कारीगरों को मजदूरी के नुकसान के लिए इन फर्मों से हर्जाना भी मांगा है। हालांकि,कानूनी नोटिस दिए जाने के बाद अधिकांश कंपनियों ने केवीआईसी से माफी मांग ली और अपने उत्पादों तथा कपटपूर्वक खादी नाम के उपयोग वाले विज्ञापनों को वापस ले लिया है।
केवीआईसी ने 27 जुलाई, 2020 को चंडीगढ़ के एक व्यक्ति के खिलाफ अनधिकृत रूप से खादी फेस मास्क बताकर अपने फेस मास्क बेचने और इसके पैकेट पर प्रधानमंत्री के फोटो का इस्तेमाल करने के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दर्ज की। इससे पहले, केवीआईसी ने इस साल मई में दिल्ली की तीन कंपनियों को खादी के ब्रांड नाम के तहत नकली पीपीई किट बेचने के लिए कानूनी नोटिस जारी किए थे।
PIB
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