अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने फिर कहा है कि चीन के विकास मॉडल में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। मुद्रा कोष के अनुसार, चीन की वृद्धि दर कम हो रही है और काफी समय तक इसके कम ही रहने की संभावना है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मौका है जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चीन को लेकर आगाह किया है।
मुद्रा कोष का कहना है कि सरकारी कंपनियों की कम उत्पादकता और रिएल एस्टेट क्षेत्र की कम वृद्धि दर के बावजूद उन पर चीन की अत्यधिक निर्भरता के कारण चीन का निवेश-आधारित विकास मॉडल लाभकारी नहीं रह गया है।
चीन की वृद्धि दर 2005-06 में लगभग 10 प्रतिशत थी जो 2021 में घटकर 4 दशमलव सात प्रतिशत रह गई। अगले पांच वर्षों में इसके लगभग चार प्रतिशत रह जाने का अनुमान है। मुद्रा कोष का अनुमान है कि 2028 से 2037 के बीच चीन की औसत वृद्धि दर महज तीन प्रतिशत रह जाएगी।
चीन की अर्थव्यवस्था विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन उसे कम होती जनसंख्या, युवा कामगारों के आभाव और समग्र उत्पादकता में कमी का सामना करना पड़ रहा है। अमरीका के साथ चीन के व्यापार से जुड़े जोखिमों और चीन को चिप की आपूर्ति पर अमरीकी प्रतिबंध के कारण भी चीन की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
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