अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष ने श्रीलंका के ऋण का पुनर्गठन करने के भारत के आश्वासन की पुष्टि की है। भारत अकेला ऋणदाता देश है जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष की ओर से आर्थिक मदद के लिए श्रीलंका के प्रयास का समर्थन कर रहा है। इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने श्रीलंका की अपनी यात्रा के दौरान भारत की ओर से सक्रियता बढ़ाने का कदम उठाने की घोषणा की थी।
श्रीलंका अतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष से दो अरब 90 करोड़ डॉलर की रकम की सुविधा को अंतिम रूप देने के लिए अन्य ऋणदाताओं से भी इसी तरह के आश्वासन के लिए जोर दे रहा है। चीन और जापान दो अन्य बड़े ऋणदाता देश हैं। इस बीच श्रीलंका करों में बढ़ोतरी करके और दरें बढ़ाकर अपनी आर्थिक नीतियों में सुधार के प्रयास भी कर रहा है। 1948 अपनी स्वतंत्रता के बाद श्रीलंका फिलहाल अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। भारत ने पिछले वर्ष संकट से निपटने के लिये श्रीलंका को उदारतापूर्वक चार अरब डॉलर की मदद दी थी।
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