विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने आज कहा कि जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत का प्रयास सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाना, ग्लोबल साउथ यानी विकासशील और कम विकसित देशों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देना और जी-20 के एजेंडा को आकार देना है।
वे आज राज्यसभा में भारत की विदेश नीति पर बयान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए तीन डी- विकास, लोकतंत्र और विविधता को उजागर करने का अवसर होगी।
डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि जी-20 की बैठक ऐसे समय हो रही है जब विश्व भू-राजनीतिक संकट, खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा, सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में धीमी प्रगति और जलवायु कार्रवाई की चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में जी-20 की पहली बैठक शुरु हो चुकी है, देश भर में 32 विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी करीब दो सौ बैठकें और आयोजित करने का लक्ष्य है।
विदेश मंत्री ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता के दौरान विभिन्न सांस्क़ृतिक कार्यक्रमों, त्यौहारों, प्रौद्योगिकी और मोटे अनाजों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की गतिविधियों के माध्यम से भारत को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत की पहल के कारण ही वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया गया है।
डॉक्टर जयशंकर ने बताया कि 17वां प्रवासी दिवस अगले वर्ष 8 से 10 जनवरी तक इंदौर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
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