भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय डाक सेवा, भारतीय रेलवे लेखा सेवा व भारतीय राजस्व सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों और भारतीय रेडियो नियामक सेवा के अधिकारियों ने आज (7 दिसंबर, 2022) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सर्वोच्च जिम्मेदारी वाले पदों के लिए चुना गया है। शासन प्रणाली को राष्ट्रीय महत्व की नीतियों को लागू करने और लोगों के भविष्य को आकार देने के संबंध में उनकी क्षमताओं पर काफी विश्वास है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी संबंधित सेवाओं में निर्णय लेते समय नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण का अनुपालन करें। उन्होंने अधिकारियो को अपने लक्ष्यों और कार्यों के बारे में जागरूक रहने की सलाह दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को राष्ट्र के व्यापक लक्ष्यों के साथ एकरूप करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा, “यह तकनीक का युग है। प्रशासन और शासन के क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। शासन को अधिक से अधिक प्रभावी, त्वरित, पारदर्शी और जनता के लिए बनाने को लेकर तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।”
राष्ट्रपति ने भारतीय राजस्व सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें यह याद रखना चाहिए कि करदाताओं द्वारा कर कानूनों के अनुपालन को सुगम बनाना और कर चोरी के खिलाफ समग्र विश्वसनीय निवारण में योगदान देने को लेकर उनकी दोहरी भूमिका है। करदाताओं के साथ संचार को अधिक सम्मानजनक बनाया जाना चाहिए और इस प्रणाली को स्वैच्छिक अनुपालन की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की फेसलेस मूल्यांकन योजना स्कीम का उद्देश्य शासन में अधिक पारदर्शिता लाना है। राष्ट्रपति ने उन्हें नई फेसलेस प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त करने की सलाह दीं।
राष्ट्रपति ने भारतीय रेडियो नियामक सेवा के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने इसे काफी महत्वपूर्ण सेवा बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि हालिया वर्षों में इसे और अधिक महत्व मिला है। इस सेवा की कुछ प्रमुख जिम्मेदारियां-स्पेक्ट्रम लाइसेंस का आवंटन, स्पेक्ट्रम नीलामी का आयोजन और जरूरी मंजूरी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल वातावरण में दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार और डेटा सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्पेक्ट्रम तक पर्याप्त पहुंच जरूरी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय रेडियो नियामक सेवा के अधिकारी प्रासंगिक नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने के लिए नए विचार व तकनीक लाएंगे।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन का समापन अधिकारियों को गरीब से गरीब व्यक्ति के हितों को ध्यान में रखने की सलाह देकर किया। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि लोक नीति सामाजिक न्याय का एक उपकरण है, इसे देखते हुए लोक सेवक सामाजिक परिवर्तन के एजेंट हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक सेवा को अपने करियर के रूप में चुना है, इसलिए हमेशा याद रखें कि वे यहां देश की सेवा करने के लिए हैं।
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