भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देश भर की लगभग 100 जेलों को ‘ईट राइट कैंपस’ के रूप में प्रमाणित किया है। यह विभिन्न परिसरों में सुरक्षित और स्वस्थ खाने की आदतों को बढ़ावा देने के लक्ष्य में एफएसएसएआई की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल एफएसएसएआई के ईट राइट इंडिया आंदोलन के अंतर्गत आती है और इसका उद्देश्य जेलों सहित विभिन्न कार्यस्थलों और संस्थानों में सुरक्षित, स्वस्थ और दीर्घकालिक खाद्य पदार्थ को प्रोत्साहित करना है।
इस पहल में भारत की कुछ प्रमुख जेलों की भागीदारी और प्रमाणीकरण देखा गया। इनमें तिहाड़ जेल (दिल्ली), सेंट्रल जेल गया (बिहार), आधुनिक सेंट्रल जेल (पंजाब), सेंट्रल जेल रीवा (मध्य प्रदेश) जैसे प्रमुख जेलों के साथ-साथ अनेक जिला और मंडल जेल शामिल हैं। प्रमाणित जेलों की सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश से थी, इसके बाद पंजाब, बिहार और मध्य प्रदेश थे।
एफएसएसएआई जेलों और सुधार सुविधाओं के लिए ईट राइट कैंपस प्रमाणन का विस्तार करके कैदियों और जेल कर्मियों सहित सभी के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन तक पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
‘ईट राइट कैंपस’ प्रमाणन प्रक्रिया में कठोर मूल्यांकन और एफएसएसएआई के निर्धारित मूल्यांकन मानकों का पालन शामिल है। प्रमाणित जेलों ने इन मानकों को पूरा करके खाद्य सुरक्षा और बंदियों के कल्याण के प्रति अपनी निष्ठा को दिखाया है। यह पहल जेल प्रणाली के भीतर खाद्य सुरक्षा और पोषण के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चूंकि यह सुरक्षित और संतुलित भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रावधान को अनिवार्य करता है, इसलिए बंदियों के समग्र कल्याण में इसका योगदान स्पष्ट है। प्रमाणित जेल अन्य संस्थानों के लिए एक उदाहरण स्थापित करके देश भर में सुरक्षित खाद्य पर्यावरण की ओर एक व्यापक सांस्कृतिक परिवर्तन को प्रेरित करते हैं।
प्रतिभागी जेल परिसरों को चार प्रमुख मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक ऑडिट से गुजरना पड़ता है, जिसमें बुनियादी स्वच्छता मानक, स्वस्थ भोजन के प्रावधान को सुनिश्चित करने के लिए कदम और स्थानीय और मौसमी भोजन के बारे में जागरूकता पैदा करने के प्रयास शामिल हैं। इस कार्यक्रम में एक बार नामांकित होने के बाद एक परिसर पहले इस चेकलिस्ट के आधार पर एफएसएसएआई पैनल वाली एजेंसी द्वारा स्व-मूल्यांकन या तीसरे पक्ष के मूल्यांकन से गुजरता है ताकि अंतराल और सुधार के क्षेत्रों की पहचान की जा सके। फिर कैंपस प्रशासन अंतरालों को दूर करने के लिए कदम उठाता है। इस प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण में एफएसएसएआई के खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन (एफओएसटीएसी) कार्यक्रम के माध्यम से परिसर में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों और खाद्य संचालकों का प्रशिक्षण शामिल है। एफओएसटीएसी को अच्छी स्वच्छता और तैयार करने की प्रथाओं पर खाद्य संचालकों को प्रशिक्षण देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एक बार ये सुधार हो जाने के बाद, परिसर उसी एफएसएसएआई-सूचीबद्ध एजेंसी द्वारा अंतिम ऑडिट से गुजरता है और इसे ईट राइट कैंपस के लिए प्रमाणन दिया जाता है।
पूरे देश में 2,900 से अधिक कार्यस्थलों को अब ईट राइट कैंपस के रूप में स्वीकार किया गया है, जो इन परिसरों में काम करने वाले व्यक्तियों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इस पहल के गति पकड़ने से एफएसएसएआई विभिन्न क्षेत्रों के संस्थानों के साथ सहयोग करने के लिए समर्पित है ताकि कल्याण की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके और सभी को स्वस्थ और स्वच्छ भोजन तक पहुंच की गारंटी प्रदान की जा सके।
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